गढ़ी वन परिक्षेत्र में अंतर्राज्यीय सागौन तस्करों का बड़ा हमला,चार आरोपी गिरफ्तार, एक दर्जन से अधिक फरार
– मुड़ियाखेड़ा बीट में 30 सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई, लाखों रुपये की वन संपदा को नुकसान
– वन विभाग की कार्रवाई में 5 घनमीटर सागौन व आल्टो कार जब्त
सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
जिले के गढ़ी वन परिक्षेत्र की मुड़ियाखेड़ा बीट क्रमांक-30 में अंतर्राज्यीय सागौन तस्करों ने सोमवार और मंगलवार की रात बड़े पैमाने पर वन संपदा पर हमला बोलते हुए करीब 30 सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई कर दी। तस्कर लकड़ी को दूसरे राज्य ले जाने की तैयारी में थे, लेकिन वन विभाग की छापेमार कार्रवाई के चलते कटी हुई लकड़ी मौके पर ही छोड़कर भागना पड़ा।
मुड़ियाखेड़ा बीट में 30 सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई
वन विभाग ने 5 घनमीटर सागौन व एक आल्टो कार जब्त की।राजस्थान निवासी चार आरोपी गिरफ्तार, एक दर्जन से अधिक आरोपी फरार।अंतर्राज्यीय सागौन तस्करी गिरोह की आशंका।वन विभाग की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल।मीडिया को समय पर जानकारी नहीं दिए जाने पर भी चर्चा।

राजस्थान से जुड़े चार आरोपी गिरफ्तार
वन विभाग की कार्रवाई में राजस्थान निवासी मोहम्मद इकबाल, सलाउद्दीन, गुड्डू और भूरा खान को गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अंतर्राज्यीय सागौन तस्करी गिरोह से जुड़े हो सकते हैं। जांच एजेंसियां इनके स्थानीय सहयोगियों और पूर्व में हुई अवैध कटाई के मामलों की भी जांच कर रही हैं।
ट्रक, कार और मोटरसाइकिलों से पहुंचे थे तस्कर
सूत्रों के अनुसार तस्कर एक ट्रक, एक आल्टो कार और कई मोटरसाइकिलों से जंगल पहुंचे थे। वन विभाग की दबिश के दौरान लगभग 5 घनमीटर सागौन वनोपज और एक आल्टो कार जब्त की गई, जबकि एक दर्जन से अधिक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। मौके से कटाई में प्रयुक्त औजार भी बरामद किए गए।

जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत
आल्टो कार की कीमत: लगभग 2 लाख रुपए,जब्त 5 घनमीटर सागौन की कीमत: लगभग 2 लाख रुपए ।विभागीय जानकारी के अनुसार सागौन का मूल्य लगभग 39 हजार रुपए प्रति घनमीटर आंका गया है।कुल जब्त संपत्ति का अनुमानित मूल्य: लगभग 4 लाख रूपए है,
वन विभाग की निगरानी पर गंभीर सवाल
लगातार कई घंटों तक जंगल में 30 सागौन के पेड़ों की कटाई होना वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर सूचना नहीं मिलती तो पूरी लकड़ी दूसरे राज्य पहुंच जाती।
मीडिया को समय पर नहीं दी गई जानकारी
घटना के बाद भी स्थानीय स्तर पर वन विभाग की ओर से मीडिया को समय पर आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। पत्रकारों द्वारा जानकारी लेने के प्रयासों के बावजूद लंबे समय तक कोई स्पष्ट जानकारी साझा नहीं की गई, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

क्या पहले भी सक्रिय रहा है यही गिरोह?
स्थानीय लोगों का दावा है कि यही गिरोह पहले भी गढ़ी वन परिक्षेत्र सहित जिले की अन्य वन रेंजों में सागौन की अवैध कटाई कर चुका है। यदि जांच में इसकी पुष्टि होती है तो रायसेन जिले में सक्रिय एक बड़े अंतर्राज्यीय लकड़ी तस्करी नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने और आरोपियों से पूछताछ के बाद ही हो सकेगी।
वन विभाग की कार्रवाई
वन मंडल अधिकारी प्रतिभा शुक्ला को 29 जून को मुखबिर से सूचना मिलने के बाद विशेष टीम गठित कर छापेमार कार्रवाई की गई। कार्रवाई में लगभग 5 घनमीटर सागौन वनोपज एवं एक आल्टो कार जब्त की गई तथा चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 46315/14, दिनांक 30 जून दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
अब सबसे बड़े सवाल
30 सागौन के पेड़ों की कटाई के लिए तस्करों को जंगल में कई घंटे तक समय कैसे मिला?क्या इस गिरोह को स्थानीय सहयोग मिल रहा था?क्या यह गिरोह पहले भी जिले में सक्रिय रहा है?भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग कौन से ठोस कदम उठाएगा?इन सभी सवालों के जवाब अब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।