-15 किलोमीटर मार्ग पर 1 महीने में 25 दुर्घटनाएं, प्रशासन पर उठे सवाल
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल-विदिशा हाईवे 18 पर स्थित बालमपुर घाटी पर हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात करीब 3 बजे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब सागर-छतरपुर से मंडीदीप जा रहा कंटेनर अनियंत्रित होकर 20 फीट गहरी खाई में जा गिरा। गनीमत रही कि चालक की जान बच गई।
ब्रेक फेल होते ही खाई में गिरा कंटेनर
कंटेनर चालक बिट्टू कुशवाह (निवासी मंडीदीप) ने बताया कि वह सागर-छतरपुर से कंटेनर खाली कर लौट रहा था। सुखी सेवनिया बायपास बंद होने के कारण उसे दीवानगंज होकर आना पड़ा। देर रात बालमपुर घाटी उतरते समय अचानक कंटेनर के ब्रेक फेल हो गए, जिससे कंटेनर क्रमांक DD 01 J 9274 अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरा। हादसे में उसे मामूली चोटें आईं।चालक ने बताया कि यदि सामने से कोई वाहन आ रहा होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।

एक महीने में पांचवीं बड़ी दुर्घटना
बालमपुर घाटी पर पिछले एक महीने में यह पांचवीं बड़ी दुर्घटना है। ट्राले, डंपर और ट्रक लगातार यहां पलट रहे हैं।
ट्रैफिक बढ़ा, हादसे भी बढ़े
स्थानीय लोगों के अनुसार, सुखी सेवनिया हाईवे बंद होने के बाद इस मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव तेजी से बढ़ा है। पहले जहां रोजाना करीब 12 हजार वाहन गुजरते थे, अब यह संख्या बढ़कर 16 से 17 हजार तक पहुंच गई है।बालमपुर घाटी से त्रिमूर्ति चौराहे तक हादसों की भरमार,एक महीने में 12 बड़े वाहन (ट्रक, डंपर, ट्राला) हादसे का शिकार,15 से ज्यादा अन्य सड़क दुर्घटनाएं,कई लोग घायल
हाल ही में ट्रैक्टरों की भिड़ंत
एक दिन पहले ही कर्क रेखा और बैरखेड़ी चौराहे के बीच दो ट्रैक्टरों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई थी। दोनों वाहन अनियंत्रित होकर खेत में जा घुसे, एक ट्रैक्टर पलट गया जबकि दूसरे में आग लग गई। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर पानी डालकर आग बुझाई। इस घटना में भी दोनों चालक घायल हुए हैं।
इन जगहों पर भी हो चुके हैं हादसे
फॉल्कन गार्डन, दीवानगंज फैक्ट्री चौराहा, कलारी के सामने, कुलहड़िया बिजली घर, सलामतपुर चौराहा — सभी स्थान हादसों के हॉटस्पॉट बन चुके हैं।
वर्षों से सड़क चौड़ीकरण की मांग
ग्रामीण लगातार इस रोड के चौड़ीकरण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। एमपी आरडीसी द्वारा ध्यान न देने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
प्रशासन से उठी ये मांगें
सड़क का तत्काल चौड़ीकरण,
घाटी पर सुरक्षा बैरियर और साइन बोर्ड,स्पीड कंट्रोल और पुलिस निगरानी,ब्रेक फेल वाहनों के लिए सुरक्षा उपाय
अगर जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो बालमपुर घाटी पर ऐसे हादसे और भी भयावह रूप ले सकते हैं।