बेगमगंज न्यायालय में धारा 307 के आरोपी हुई 10 वर्ष की सजा
शरद शर्मा बेगमगंज,रायसेन
द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश श्री सचिन द्विवेदी की अदालत में धारा 307 एवं 34 के तहत निर्णय करते हुए रोहित पिता जगदीश प्रसाद गौर उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम खुमारी को दोष सिद्ध पाते हुए 10 वर्ष का सास्रम कारावास एवं ₹2000 का अर्थ दंड करने का द्ण्डादेश पारित किया है।
घटना में फरियादी हीरालाल ने गैरतगंज पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज कराते हुए बताया की रोहित गौर और अन्य लोगों ने पुरानी रंजिश के चलते उसके घर आकर गंदी-गंदी गाली देने लगे और जान से मारने की धमकी देने लगे फरियादी हीरालाल ने गाली गलौज करने से मना किया तो रोहित गौर ने जान से मारने की नियत से कुल्हाड़ी से वार किया। जिससे फरियादी घायल हो गया। घायल की आवाज सुनकर उसके परिजन बाहर निकले। परिजनों को देखकर आरोपी वहां से फरार हो गए। जिसकी फरियादी हीरालाल के द्वारा थाना गैरतगंज एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद विवेचना अनुसंधान के उपरांत माननीय न्यायालय बेगमगंज में पेश किया गया। जहां पर आज अपरसत्र न्यायाधीश सचिन द्विवेदी के द्वारा आरोपी रोहित गौर पिता जगदीश प्रसाद गौर निवासी ग्राम खुमारी तहसील गैरतगंज को दोष सिद्ध पाते हुए। भादवि की धारा 307 के तहत 10 वर्ष का कारावास एवं ₹2000 के अर्थ दण्ड से दंडित किया।उक्त प्रकरण में शासन की ओर से पेरवी लोक अभियोजक धीरेंद्र से गौर के द्वारा की गई।