सुरेंद्र जैन धरसीवा
सारागांव स्थित यूनिवर्सल पब्लिक स्कूल में सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भव्य आयोजन किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ के पारंपरिक नृत्य, सुआ नृत्य और राउत नाचा की विशेष प्रस्तुति दी गई। यह आयोजन छात्रों में अपनी संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हें पारंपरिक कलाओं से जोड़ने का प्रयास था।

छात्राओं ने पारंपरिक परिधान पहनकर बेहद सुंदर तरीके से छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति का प्रदर्शन किया। सुआ नृत्य के माध्यम से छत्तीसगढ़ की धरती और मिट्टी से जुड़े भावों को जीवंत किया गया, जिसे देखकर सभी दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
छत्तीसगढ़ के पारंपरिक योद्धा रूप में सजकर छात्रों ने एक अद्भुत ऊर्जा के साथ नृत्य किया। राउत के रूप में सजे धजे विद्यार्थियों ने माहौल को और भी जोशीला बना दिया और इसकी प्रस्तुति ने छात्रों में एक नई ऊर्जा का संचार किया। इसके अलावा रंगोली और दिया सजाओ प्रतियोगिता का भी आयोजन हुआ जिसमें बच्चों ने कई आकर्षक और भव्य रंगोली बनाई। दिवाली के लिए बच्चों ने दीयों को सुंदर तरीके से सजाया।

स्कूल के प्राचार्य आर एम भगत ने कहा कि, “हम अपने छात्रों को केवल आधुनिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ना भी चाहते हैं। इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में एकता, टीम भावना, और अपनी मिट्टी से जुड़े रहने का भाव उत्पन्न करते हैं।”इस आयोजन को छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने खूब सराहा।