भोपाल।बैंक नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, भोपाल के तत्वावधान में सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा ‘राजभाषा हिन्दी – कल, आज और कल’ विषय पर राजभाषा संगोष्ठी का आयोजन किया गया.

सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया आंचलिक कार्यालय भोपाल के अंचल प्रमुख श्री तरसेम सिंह जीरा ने संगोष्ठी का उदधाटन करते हुए बताया कि हिन्दी भाषा प्रारंभ से ही राजभाषा, जनभाषा एवं संपर्क भाषा रही है तथा स्वतंत्रता उपरांत संविधान सभा ने 14 सितंबर, 1949 को हिन्दी को सर्वसम्मति से संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया. हिन्दी भाषा ही विचार एवं भाव के संवाहक के साथ-साथ देश की अस्मिता की पहचान कराती हैं.

राजभाषा संगोष्ठी की प्रमुख वक्ता के रूप में सुश्री शालिनी शुक्ला ने अपने वकतव्य में राजभाषा हिन्दी के इतिहास पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए. उनके अनुसार इंटरनेट और ई कामर्स के युग में हमारे देश की राजभाषा हिन्दी का महत्व और भी अधिक बढ़ गया है.
यह उल्लेखनीय रहा कि सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के केन्द्रीय कार्यालय मुम्बई से बैंक के राजभाषा प्रमुख श्री राजीव वार्ष्णेय संगोष्ठी में सम्मिलित हुए. श्री वार्ष्णेय ने अपने विचार प्रकट करते हुए बताया कि हिन्दी को आज सेवाभावी एवं कर्तव्यनिष्ठ व्यक्तियों की आवश्यकता है जो राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए निष्ठा के साथ हिन्दी की सेवा का संकल्प लें.

इस आयोजन में सेन्ट्रल बैंक क्षेत्र प्रमुख बी आर रामकृष्ण एवं अन्य अधिकारियों के साथ-साथ भोपाल नगर के बैंकों, बीमा एवं अन्य वित्तीय संस्थाओं के राजभाषा अधिकारियों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम की रूपरेखा, व्यवस्था एवं संचालन मुख्य प्रबंधक-राजभाषा राजीव तिवारी द्वारा किया गया. भोपाल क्षेत्र प्रभारी राजभाषा प्रबन्धक सुनील सोन्हिया द्वारा दिए गए सहयोग की सराहना की गई.