मानसून पूर्व की तैयारी:बोट में हवा भर जाए या इंजन खराब हो, होमगार्ड जवानों को हर स्थिति से निपटने की दी ट्रेनिंग
–होमगार्ड डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट बोलीं हम बाढ़ आपदा की स्थिति से निपटने तैयार है चिंता की कोई बात नहीं
शिवलाल यादव रायसेन
रायसेन जिले से दो बड़ी नदियां गुजरी हैं। एक नर्मदा और दूसरी बेतवा नदी।मूसलाधार बारिश से इन नदियों के उफान पर आने पर कई नगर और गांवों के रहवासी बाढ़ के पानी में घिर जाते हैं। इस दौरान उन्हें रेस्क्यू कर सुरक्षित निकालने की बड़ी जिम्मेदारी होमगार्ड जवान पूरी करते हैं।जिला होमगार्ड कमांडेंट नीलमणि लाड़िया बोलीं रेस्क्यू में कहीं कोई चूक न हो जाए इसलिए 30 जवानों को शहर के मिश्र तालाब पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान जवानों को रबर बोट में हवा भरने से लेकर इंजन स्थापित करने और खराब होने की स्थिति में सुधार कार्य के भी तरीके बताए गए। इससे किसी भी स्थिति में रेस्क्यू कार्य बाधित न होने पाए। रेस्क्यू के वास्तविक अभ्यास के लिए वोट, मिश्र तालाब में चलवाकर देखी गई। इसके लिए 6-6 जवानों के समूह बनाए गए थे।
सुबह 9 बजे से शाम तक चला प्रशिक्षण…..
शहर के मिश्र तालाब और होमगार्ड परिसर में अलग-अलग शिफ्टों में जवानों को प्रशिक्षण दिया गया । सुबह 9 बजे से लेकर शाम तक ये प्रशिक्षण चलता रहा। होमगार्ड जिला कमांडेंट नीलमणी लाडिया और प्लाटून कमांडर मयंक सेन ने बताया कि प्रशिक्षण से जवानों की कार्यक्षमता बढ़ती है और वे प्राकृतिक आपदा के दौरान बेहतर सेवाएं दे पाते हैं।

तीन स्टेप में प्रशिक्षण-पूर्व , दौरान और पश्चात….
बाढ़ के दौरान तीन स्टेप में काम किया जाता है। इन सबकी जानकारी प्रशिक्षण के दौरान जवानों की दी गई। पूर्व आने बाढ़ की संभावना को देखते हुए क्षेत्र में मुनादी कराकर लोगों को इसके लिए अलर्ट कराना।बाढ़ आने पर रेस्क्यू के दौरान आने वाले चुनौतियों का सामना करने के तरीके और रेस्क्यू के बाद पीड़ित लोगों को राहत शिविर तक पहुंचाने का कार्य। इस तरह से रेस्क्यू टीम को अपनी जिम्मेदारी पूरी क्षमता के साथ निभाने की बारे में सीख दी गई।