– अवैध कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया भी ठंड बस्ते में
– वर्ष 2016 को पैरामीटर मानकर करना था वैध
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
शिवपुरी शहर में कॉलोनियों का सर्वे वर्ष 2016 को पैरामीटर मानकर अवैध कॉलोनियों को वैध करना था लेकिन यह काम प्रशासिनक लचरता के चलते अभी तक अधर में लटका पड़ा है। बताया जा रहा है कि शिवपुरी शहर में हुए सर्वे में 2016 से पूर्व बनीं 23 कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया नगरपालिका ने शुरू की थी लेकिन अभी तक पहले दौर की यह कॉलोनियां वैध नहीं हो पाई। इसके अलावा अगली सूची 50 ऐसी कॉलोनियों की है, जिसमें उन्हें नियमित किया जाना है लेकिन यह दूसरी सूची भी अधर में लटकी है। नगर पालिका के अधिकारी केवल यही बात कह रहे हैं कि प्रक्रिया चल रही है। मप्र की शिवराज सरकार बार-बार ऐसी बातें कहती है कि वर्ष 2016 तक की अवैध कॉलोनियों को वैध किया जाएगा लेकिन शिवपुरी में यह प्रक्रिया अधर में लटकी पड़ी है।
छोटी-मोटी कार्रवाई के कारण धड़ल्ले से कट रहीं अवैध कॉलोनियां-
शिवपुरी शहर में इस समय हालत यह है कि शिवपुरी शहर के सिंहनिवास, रेलवे पटरी, रातौर, पिपरसमां, पोहरी बायपास, ग्वालियर फोरलेन बायपास सहित नौहरीखुर्द, नोहरी बछोरा, झींगुरा, मेडीकल कॉलेज के पास सहित शहर के अन्य हिस्सों में 200 से ज्यादा अवैध कॉलोनियों दिन रात कट रही हैं। यहां पर लाल मुरम डालकर अवैध प्लॉट काटे जा रहे हैं लेकिन कार्रवाई के नाम में एक दो छोटे मोटे कॉलोनाइजर पर कार्रवाई की जाती है इसके बाद मामला ठंडा होते ही काम फिर से शुरू हो जाता है। बताया जा रहा है कि नगर पालिका के सर्वे में ही इस समय 172 अवैध कॉलोनियां चिह्नित की गईं है। जो वर्ष 2016 के बाद अस्तित्व में आई हैं तथा उनके खिलाफ अवैध कॉलोनी की कार्रवाई कब की जाएगी यह कोई नहीं बता रहा।
खेतों में बनाए गए मकान-
शिवपुरी में अवैध कॉलोनियों पर कोई प्रभावी कार्रवाई न होने के कारण माफियाओं के हौंसले बढ़ते चले गए। प्रशासन ने अपनी जेब भरने के अलावा कोई काम नहीं किया। केवल एक दो लोग जो राजनीतिक रूप से छोटे-मोटे लोग थे उन पर दिखावे के लिए एफआईआर हुई लेकिन इसके बाद की कार्रवाई क्या हुई यह कोई भी अधिकारी बताने तैयार नहीं। कार्रवाई न होने से आज हालत यह है कि खेतों में मकान बन गए।