इंदौर। प्रदेश सरकार द्वारा पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इसमें कक्षा छठवीं से दसवीं तक के विद्यार्थियों प्रतिमाह छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। वित्तीय वर्ष 2023 -24 के लिए राज्य छात्रवृत्ति योजना में 250 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। यह राशि विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान करने में खर्च की जाएगी, ताकि विद्यार्थी अपनी पढ़ाई सुचारू रूप से जारी रख सकें।
प्रदेश में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2023-24 के लिये राज्य छात्रवृत्ति योजना में 250 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। योजना में कक्षा 6 से 10 तक पढ़ने वाले छात्रों को राज्य छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। विभाग की यह योजना वर्ष 2013-14 से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित की जा रही है। योजना में कक्षा 6 से 8वीं तक पढ़ने वाले बालक को प्रति माह 20 रुपये और बालिका को 30 रुपये की राशि उपलब्ध कराई जा रही है। कक्षा 9 एवं 10 में पढ़ने वाले पिछड़ा वर्ग के बालक को 30 रुपये प्रति माह और बालिका 40 रुपये प्रति माह की राशि विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना का लाभ प्रदेश में करीब 34 लाख विद्यार्थियों को उपलब्ध कराया जाएगा। पिछड़ा वर्ग में मध्यप्रदेश में 93 जातियाँ एवं उपजातियां सूचीबद्ध की गई है।
अल्पसंख्यक के लिए योजना
विभाग प्रदेश में अल्पसंख्यक समुदाय के आर्थिक एवं सामाजिक कल्याण के लिए भी विभिन्न योजनाओं का संचालन कर रहा है। अल्पसंख्यक समुदाय में मुस्लिम, सिख, इसाई, फारसी, बौद्ध एवं जैन समुदाय को शामिल किया गया है। इसमें आने वाले विद्यार्थियों को भी शासन द्रारा छात्रवृत्ति प्रदान की जाती हैं।
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