रायपुर। सस्ती दर पर लोन दिलवाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का रायपुर में पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपित पालगांव दिल्ली के रहने वाले हैं। आरोपित नीरज सिंह उर्फ नीर, विकास कुमार, अंशुल और बंटी कश्यप को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से घटना से संबंधित दो एटीएम कार्ड, दो नग बैंक पासबुक जब्त की गई है। रायपुर से इन्होंने 15 लाख रुपये ठगे थे। इनके बैंक खातों को होल्ड करवाया गया है। आरोपित नीरज और विकास पूर्व में भी ठगी के मामले में जेल जा चुके हैं।
दरअसल, आरोपितों के खिलाफ खमतराई थाने में जय दुर्गा एक्सप्रेस ट्रांसपोर्ट फर्म का संचालक अशोक शर्मा ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। ठगों ने प्रार्थी से संपर्क कर 15 लाख रुपये लोन देने का आश्वासन दिया। 10 अलग-अलग बैंकों के खाते दिए गए और उसमें रकम डालने को कहा। जिस पर प्रार्थी द्वारा अलग-अलग तिथियों में 15 लाख रुपये डाल दिए। ठगों ने प्रार्थी को वाट्सएप में 25 लाख और 42 लाख रुपये के फर्जी डिमांड ड्राफ्ट के फोटो भी भेज दिया। इसके बाद जब और पैसे की मांग की गई तो प्रार्थी ने मना किया। इसके बाद ठगी का एहसास होने पर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। खाता नंबर के आधार पर आरोपितों की पहचान की गई। इसी दौरान टीम के सदस्यों द्वारा घटना में संलिप्त एक आरोपित की पहचान दिल्ली निवासी अंशुल के रूप में की गई। अंशुल को दिल्ली के पालमगांव में लोकेट किया गया। टीम पालमगांव दिल्ली पहुंच कर लगातार कैंप कर पतासाजी करते हुए अंशुल को राजनगर पार्ट 02 पालम से पकड़ा गया। घटना के संबंध में कड़ाई से पूछताछ करने पर अंशुल द्वारा अपने अन्य साथी नीरज सिंह उर्फ नीर सिंह, विकास कुमार एवं बंटी कश्यप के साथ मिलकर ठगी की उक्त घटना को अंजाम देने की स्वीकार की। जिसक पर टीम ने अन्य आरोपितों को पकड़ा।
मुख्य आरोपित की तलाश, 70 प्रतिशत कमीशन उसको
आरोपित नीरज सिंह के नीचे विकास, बंटी और अंशुल काम करते थे। सभी का काम बंटा हुआ था। नीरज के कहने पर ये खाते का जुगाड़ करते थे। इसमें रकम डाली जाती थी। जिसका खाता होता था उसको 10 प्रतिशत रकम दी जाती थी। वहीं ठगी की 20 प्रतिशत रकम को नीरज रखता था। 70 प्रतिशत रकम मुख्य आरोपित को देता था। पुलिस अब उसकी तलाश में है।
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