पन्ना। एसडीएम कार्यालय में बीती शाम एसडीएम के सामने भोपाल की एक युवती ने विषैले पदार्थ का सेवन कर लिया था। इसके बाद से ही यह मामला तूल पकड़ रहा है। शासकीय कार्य न होने से परेशान एक महिला किस तरह खतरनाक घटना को अंजाम एसडीएम के सामने दे सकती है उसकी चर्चा नगर में अब तक बनी हुई है। महिला को इलाज के लिए जिला अस्पताल पन्ना में भर्ती किया गया था जहां से उसे जबलपुर मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया है जहां उसका इलाज चल रहा है। युवती करणी सेना की पदाधिकारी बताई जा रही है। इसे लेकर अब नगर के लोग प्रशासन पर भी समय से लोगों का शासकीय कार्य नहीं करने का आरोप लगा रहे हैं जिसके कारण आम जनता परेशान होती है।
यह हुई थी घटनाः
दरअसल बीते रविवार लगभग 7 बजे उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक युवती ने विषैले पदार्थ का सेवन कर जीवन लीला समाप्त करने की कोशिश की थी। कर्मचारियों के द्वारा तत्काल पुलिस को बुलाया गया था जिसके बाद युवती को जिला चिकित्सालय पन्ना में भर्ती करवाया गया लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया गया। जबलपुर में युवती का इलाज चल रहा है। युवती का नाम आकांक्षा सिंह पिता दिलीप सिंह निवासी देवेंद्रनगर हाल निवासी भोपाल बताया जा रहा है। बताया जाता है कि महिला की देवेंद्रनगर में पुश्तैनी जमीन में रास्ता नहीं होने से विवाद चल रहा था। पिता पुत्री लगभग 15 सालों से अधिकारियों के चक्कर काट रहे थे। मामले के संबंध में कई मंत्रियों व सांसद के द्वारा पत्र लिखने के बाद भी रास्ता नहीं मिला। जिसके बाद पन्ना एसडीएम सतनारायण दर्रो के द्वारा बगल की जमीन वाले को 15 लाख रुपये देकर रास्ता लेने की बात कही गई जिस पर आकांक्षा के द्वारा 15 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। लेकिन इसके बाद भी जमीन से रास्ता नहीं मिला जिसके बाद सोमवार की शाम आकांक्षा अपने पिता के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंच गई। जहां एसडीएम श्री दर्रो की विदाई पार्टी चल रही थी जिससे आकांक्षा का सब्र जवाब दे गया, उसने नए और पुराने दोनों एसडीएम से न्याय की फरियाद की लेकिन सही जवाब नहीं मिलने पर एसडीएम के चेंबर के सामने ही विषैले कीटनाशक का सेवन कर लिया।
जबलपुर में चल रहा इलाजः
युवती के विषैला पदार्थ का सेवन करने के बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। एसडीएम कार्यालय के कर्मचारियों के द्वारा तत्काल पुलिस को बुलाया गया जिसके बाद युवती को जिला चिकित्सालय पन्ना में भर्ती कराया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद आकांक्षा को जिला चिकित्सालय पन्ना से गंभीर हालत में जबलपुर मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया है। इमरजेंसी ड्यूटी डाक्टर आरके ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि एसडीएम कार्यालय में विषैले पदार्थ का सेवन करने वाली युवती आकांक्षा सिंह को अचेत अवस्था में जिला चिकित्सालय पन्ना में भर्ती करवाया गया था। जहां इलाज के दौरान स्वास्थ्य में सुधार आया था। इसके बाद समुचित उपचार के लिए जबलपुर मेडिकल कालेज रिफर कर दिया गया है।
पिता ने कहा रास्ते के लिए 15 साल से भटक रहे हैः
युवती के पिता दिलीप सिंह ने बताया कि वह अपने खेत तक रास्ते के लिए 15 साल से भटक रहे हैं। कई बार आदेश होने के बाद भी रास्ता नहीं दिलवाया गया। कुछ समय पूर्व पड़ोसी से 15 लाख में रास्ता दिलवाने की बात कही गई और पैसे देने के बाद भी बार-बार भटकाया जा रहा था। 10 अप्रैल को जब एसडीएम कार्यालय पहुंचे तो एसडीएम मीटिंग में थे शाम तक इंतजार करने के बाद वह लगभग 7 बजे पहुंचे और किसी भी प्रकार की सहायता से इंकार कर दिया जिससे बच्ची ने उनके सामने ही विषैले पदार्थ का सेवन कर लिया गया था।
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