लखनऊ । कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर, प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या में तीन दिन की राहत के बाद एक बार फिर बर्फीली हवाओं के चलने से गलन के साथ ठंड ने दस्तक दी है। तापमान में भी करीब पांच डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण आसमान में बादलों के छाए हैं और इसी के साथ उत्तर पश्चिमी हवा ने भी असर दिखाना शुरू कर दिया है। इसी वजह से शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक शीतलहर व गलन बढ़ गई। तापमान में भी कमी आई।कानपुर में अधिकतम तापमान 20.8 डिग्री और न्यूनतम 12.6 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने 30 जनवरी तक वर्षा होने की संभावना जताई है।
इसके बाद एक बार फिर तापमान में गिरावट होने की उम्मीद है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी डा. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि कानपुर मंडल व गंगा के मैदानी क्षेत्रों में 29 व 30 जनवरी को आसमान में मध्यम से घने बादल छाए रहने के कारण गरज-चमक, तेज हवा व ओलावृष्टि के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है।वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। इससे प्रेरित चक्रवाती हवा का क्षेत्र पंजाब व इसके आसपास है। एक ट्रफ रेखा पंजाब से हरियाणा, पूर्वी राजस्थान व पश्चिम मध्य प्रदेश होते हुए विदर्भ तक जा रही है। एक और पश्चिमी विक्षोभ भी 28 जनवरी तक पश्चिमी हिमालय तक पहुंचने की संभावना है। पिछले 24 घंटे में राजस्थान के कुछ हिस्सों में तेज शीतलहर चली। जम्मू-कश्मीर में हल्की वर्षा व बर्फबारी हुई।
पूर्वी मध्य प्रदेश और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में भी हल्की वर्षा हुई और पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, पश्चिमी यूपी, पूर्वी राजस्थान व उत्तरी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान में चार से छह डिग्री की गिरावट हुई है। नई मौसम प्रणाली के कारण 29 जनवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा व बर्फबारी की उम्मीद है। इसकी तीव्रता भी ज्यादा हो सकती है, जिससे 31 जनवरी तक आसमान में बादल छा सकते हैं। अगले 24 घंटे में राजस्थान में शीतलहर जारी रहेगी, लेकिन इसके बाद शीतलहर कम होने की उम्मीद है। 29 जनवरी से फिर कानपुर मंडल समेत देश के उत्तर पश्चिमी, मध्य व पूर्वी हिस्सों में न्यूनतम तापमान बढ़ सकता है।
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