इंदौर । हाइड्रोजन भविष्य का ईंधन है। इससे आटोमोबाइल इंड्रस्टी पूरी तरह से बदल जाएगी। अभी आटोमोबाइल इंडस्ट्री छह तरह के इंजन पर काम कर रही है। जिनमें हाइड्रोजन ईंधन वाले इंजन भी शामिल हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर भी काफी काम चल रहा है। इन वाहनों के विशेष तरह के टायर बनवाए जा रहे हैं, जिससे गाड़ी के चलते समय बिल्कुल भी आवाज नहीं आएगी। नए तरह के टायर बजट कारों के लिए उपलब्ध होंगे, जिससे गाड़ी पंचर होने के बाद भी 100 किलोमीटर तक चल सकेगी। मध्यप्रदेश में आटोमोबाइल सेक्टर में काफी संभावनाएं हैं। वाहन निर्माण में भारत 2008 में विश्व में नौवें स्थान पर था, जो वर्ष 2022 में तीसरे स्थान पर आ गया है। बुधवार को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आटोमोबाइल सत्र में विभिन्न वक्ताओं ने यह बात कही। आशयर वाल्वो के सीइओ राजेंद्र सचदेव ने कहा कि हमारे आठ में से सात प्लांट मध्यप्रदेश में हैं। यहां पर हम तरह के वाहन बना रहे हैं। छह तरह के इंजन पर हम काम कर रहे हैं। सीएनजी वाहन हमने लांच कर दिए हैं। इलेक्ट्रिक बसों का बड़ा आर्डर है। उन्होंने कहा कि हमारी कंपनी ड्रायवर के लिए सेफ्टी केबिन बना रही है। इसके अलावा भी कई नवाचार हम कर रहे हैं।
आम कारों में भी लगेंगे पंचर के बाद भी चलने वाले टायर
ब्रिजस्टोन के डायरेक्टर अजय सेवेकरी ने कहा कि नए तरीके के वाहनों और सड़कों को देखते हुए हम लगातार टायर की क्वालिटी बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। ई-व्हीकल में इंजन की आवाज काफी कम होती है। ऐसे वाहनों में ऐसे टायर लगाएंगे जो कम आवाज करते हैं। इसके अलावा महंगी कारों में आने वाले टायर जो पंचर होने पर भी कई किलोमीटर चल सकते हैं, उन्हें आम कारों के लिए उपलब्ध करवाया जाएगा। अन्य वक्ताओं ने भी प्रदेश में आटोमोबाइल इंडस्ट्री में काफी संभावनाएं होने की बात कही।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.