इंसान मित्रों से तो धोखा मिल सकता है लेकिन पेड़ों से नहीं इसलिए वृक्ष हमारे सबसे बड़े मित्र- मनोज पांडे

विदिशा। यह कलयुग है जहां इंसान इंसान का नहीं होता और कभी-कभी मित्रों से भी धोखा मिलता है लेकिन इस धरा पर ऐसे भी हैं जो कभी धोखा नहीं देते। मुक्तिधाम परिसर में मित्रता दिवस पर बोलते हुए मुक्ति धाम सेवा समिति के सचिव पर्यावरण विद मनोज पांडे ने कहा कि इस कलयुगी संसार में हमें इंसान से धोखा मिल सकता है लेकिन एक वृक्ष ही ऐसे हैं जो हमें सदैव कुछ ना कुछ देते हैं और सच्चे और सही मायने में वह हमारे सबसे बड़े मित्र हैं। मित्रता दिवस के कार्यक्रम में उन्होंने आगे कहा कि समय बदलने के साथ इंसानी शुरू बदल जाता है लेकिन इस धरा पर इस सृष्टि पर समय के अनुसार कुछ भी घटित हो जाए लेकिन वृक्ष एक ऐसे हमारे मित्रवत खड़े रहते हैं जो हमें हर दम कुछ ना कुछ अवश्य देते हैं। वह हमें फल देते हैं फूल पत्तियां प्रदान करते हैं और सबसे बड़ा हमारे जीवन को चलाएं मान वाली सांसे भी उन्हीं से मिलती हैं इसलिए उससे बड़ा मित्र और कोई नहीं हो सकता। कार्यक्रम के दौरान औषधीय पौधों का रोपण किया गया और सभी ने मुक्तिधाम परिसर के लगे पौधों वृक्षों को मित्रता का रक्षा सूत्र बांधकर उनके साथ अपनी दोस्ती की प्रगाढ़ता और उन्हें बचाने के लिए संकल्प भी लिया।

कार्यक्रम के दौरान मुक्तिधाम सेवा समिति के सचिव मनोज पांडे मुकेश कुशवाह ललित किशोर सक्सेना विमलेश सक्सेना सुधीर जैन सत्यम ताम्रकार आदि मौजूद थे।
न्यूज सोर्स-मनोज पांडे सचिव मुक्ति धाम सेवा समिति विदिशा