गांव-गांव में गूंजे माता रानी के जयकारे, जगह-जगह हुई महाआरती
पुराने गुरुद्वारा मंदिर में नौ देवी स्वरूपों के दर्शन बने आकर्षण, आज होंगे झांकी पंडाल में हवन
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
शारदीय नवरात्र के अवसर पर सांची विकासखंड के दीवानगंज सहित आसपास के गांवों में माता रानी की भक्ति और आस्था का माहौल बना हुआ है। अष्टमी पर मंदिरों और झांकी पंडालों में महाआरती के आयोजन हुए, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। माता रानी के जयकारों से मंदिर परिसर और पंडाल गूंज उठे। वहीं, घर-घर कन्या भोज कराकर कन्याओं को उपहार भेंट किए जा रहे हैं। दीवानगंज के पुराने गुरुद्वारा मंदिर में महाआरती के दौरान कन्याओं को नौ देवी स्वरूपों में सजाकर विराजित किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने दर्शन कर आशीर्वाद लिया। नवरात्र के अंतिम दिन नवमी पर भी क्षेत्र में धार्मिक आयोजनों की धूम रहेगी।
महाआरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, प्रसाद वितरण हुआ
दीवानगंज के खेड़ापति हनुमान माता मंदिर, राम जानकी हनुमान माता मंदिर भवानी चौक, पुराने गुरुद्वारा परिसर, गुसाई मोहल्ला स्थित शिव-पार्वती झांकी पंडाल और ग्वाल चमेली सहित विभिन्न स्थानों पर महाआरती का आयोजन किया गया। इसके अलावा बालमपुर के काली माता झांकी पंडाल, अंबाडी और बरजोरपुर सहित आसपास के गांवों में भी श्रद्धालुओं ने माता रानी की आराधना की।
महाआरती में महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बुजुर्गों ने उत्साह के साथ भाग लिया। श्रद्धालुओं ने माता रानी के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। आरती के बाद श्रद्धालुओं को खीर और फल का प्रसाद वितरित किया गया। नवरात्र के चलते क्षेत्र के मंदिरों और झांकी पंडालों में सुबह से रात तक धार्मिक गतिविधियां जारी हैं।

पुराने गुरुद्वारा मंदिर में नौ देवी स्वरूपों के दर्शन
दीवानगंज के पुराने गुरुद्वारा मंदिर में महाआरती के दौरान कन्याओं को नौ देवी स्वरूपों में सजाकर विराजित किया गया। श्रद्धालुओं ने देवी स्वरूप में सजी कन्याओं के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। मंदिर में हुए इस आयोजन ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। भक्तों ने श्रद्धाभाव के साथ महाआरती में शामिल होकर माता रानी की आराधना की।
घर-घर कन्या भोज, उपहार देकर लिया आशीर्वाद
अष्टमी के अवसर पर सुबह से ही घरों में कन्या भोज के आयोजन शुरू हो गए। श्रद्धालुओं ने छोटी-छोटी कन्याओं को आमंत्रित कर श्रद्धापूर्वक भोजन कराया और उपहार भेंट किए। नवरात्र में कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा करने की परंपरा के चलते क्षेत्र में घर-घर कन्या भोज का आयोजन किया जा रहा है।

रविवार को अष्टमी पर कन्या भोज का सिलसिला जारी रहा, वहीं नवमी पर भी श्रद्धालु कन्याओं को भोजन कराकर उपहार भेंट करेंगे। मंदिरों में पूजा-अर्चना, झांकी पंडालों में महाआरती और घरों में कन्या भोज के आयोजनों से पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। नवरात्र के समापन पर नवमी के दिन भी विभिन्न गांवों में पूजा-पाठ सहित अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
आज सभी झांकी पंडालो में पूर्णाहुति के साथ हवन किया जाएगा। मंगलवार को चल समारोह निकलेगा।