मेडिकल कॉलेजों की मेस में शाकाहार- मांसाहार की अलग व्यवस्था
मध्यप्रदेश शासन ने मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों को जारी किए विशेष निर्देश
सागर/ मप्र के शासकीय एवं अशासकीय मेडिकल तथा डेंटल कॉलेजों के छात्रावासों और मेस में अब शाकाहारी एवं मांसाहारी भोजन की व्यवस्था अलग- अलग रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
संचालनालय चिकित्सा शिक्षा, मध्यप्रदेश द्वारा इस संबंध में 15 सितंबर 2026 को आदेश जारी किया गया है।
जैनाचार्य 108 श्री समयसागर महाराज के भोपाल स्थित श्री विद्योदय तीर्थ क्षेत्र में चल रहे वर्षायोग के दौरान सामने आई। 12 सितंबर को उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने आचार्यश्री के दर्शन किए थे। इस दौरान आचार्यश्री ने मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों के छात्रावासों में शाकाहारी और मांसाहारी सामग्री एक साथ पकाए एवं परोसे जाने से शाकाहार में आस्था रखने वाले विद्यार्थियों को होने वाली असुविधा का विषय रखा था

चिकित्सा शिक्षा विभाग ने पत्र क्रमांक 3214/प्रवेश/यू.जी./संचिशि/2026, दिनांक 15 सितंबर 2026 के माध्यम से प्रदेश के सभी शासकीय एवं अशासकीय मेडिकल कॉलेजों तथा शासकीय एवं अशासकीय डेंटल कॉलेजों के अधिष्ठाताओं एवं प्राचार्यों को निर्देशित किया कि मेस में वेजिटेरियन और नॉन-वेजिटेरियन भोजन की व्यवस्था पृथक रखी जाए।
शासन के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों की धार्मिक भावनाओं एवं आस्थाओं का सम्मान सुनिश्चित करना है। संबंधित विद्यार्थियों से भी अपील की गई है कि जहां इस संबंध में असुविधा हो रही हो, वहां शासनादेश को महाविद्यालय के संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कर व्यवस्था का लाभ लें।
अहिंसा एवं शाकाहार में आस्था रखने वाले विद्यार्थियों और अभिभावकों से अन्य राज्यों में भी इसी प्रकार की पहल के लिए प्रयास करने की अपील की गई है।सागर में विराजमान निर्यापक मुनि श्री अभय सागर महाराज के द्वारा कई वर्षों से पत्राचार के माध्यम से भी पहल की जा रही थी।
मुकेश जैन ढाना ने सकल दिगंबर जैन समाज सागर की ओर से मध्य प्रदेश शासन के इस निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सरकार के प्रति आभार जताया है।