सीहोर की नन्ही प्रतिभा ने रचा इतिहास: ढाई साल की वान्या सचदेव का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज
सीहोर ने दिया देश को बाल-प्रतिभा: 13 फल, 15 जानवर, 20 अंगों की पहचान और 7 जानवरों की आवाज की हूबहू नकल
अनुराग शर्मा सीहोर
कहते हैं प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती, इस कहावत को सच कर दिखाया है सीहोर की नन्ही बिटिया ने। सीहोर की सीवन लाइफ कॉलोनी निवासी वान्या सचदेव पिता आनंद सचदेव ने महज 2 वर्ष 6 माह की अल्पायु में वह कर दिखाया जो बड़े-बड़े बच्चों के लिए भी चुनौती है। वान्या का चयन देश की सबसे प्रतिष्ठित रिकॉर्ड संस्था इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (India Book of Records) में IBR Achiever के रूप में हुआ है। संस्था द्वारा यह रिकॉर्ड 13 अगस्त 2026 को आधिकारिक रूप से कन्फर्म किया गया है।
वान्या सचदेव के दादा जगदीश सचदेव ने बताया कि वान्या का जन्म 22 जनवरी 2024 को सीहोर में हुआ था। मेरी पोती की इस उपलब्धि से मन काफी प्रफुल्लित है।
क्या है वान्या का रिकॉर्ड
इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा जारी प्रमाण-पत्र के अनुसार, वान्या ने अपनी तीव्र स्मरण शक्ति और जिज्ञासा से 13 फलों को देखकर उनके नाम बताना, 15 जानवरों की पहचान कर नाम बताना, मानव शरीर के 20 अंगों की सही पहचान, 7 विभिन्न आकृतियों की पहचान, एक अंग्रेजी नर्सरी राइम का स्पष्ट वाचन तथा 7 जानवरों की आवाजों की हूबहू नकल करके सभी को आश्चर्यचकित कर दिया।
परिवार में हर्ष, जिले में गर्व का माहौल
इस असाधारण उपलब्धि के बाद सचदेव परिवार में खुशी का माहौल है। पिता आनंद सचदेव ने बताया कि मान्या बचपन से ही जिज्ञासु प्रवृत्ति की है। वह जो भी एक बार देखती-सुनती है, उसे तुरंत ग्रहण कर लेती है। परिवार के संस्कार, माता-पिता की मेहनत और निरंतर अभ्यास ने इस सफलता को संभव बनाया है। वान्या की इस उपलब्धि पर शहर के सामाजिक, व्यापारिक संगठनों और नगर के प्रबुद्धजनों ने बिटिया को आशीर्वाद देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की है। निश्चित ही वान्या सचदेव की यह सफलता न केवल सीहोर जिले का मान बढ़ाएगी, बल्कि जिले के अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।