विजी लवानिया गौहरगंज रायसेन
कोयकतोड़ गौंडवाना महासभा के आदिवासी औबेदुल्लागंज अम्बेडकर चौराहे के निकट पिछले पांच दिनों से धरना प्रदर्शन पर बठे हैं। आदिवासियों की प्रमुख मांगो में से एक गिनन्नोरगड व केरी महादेव टाइगर रिजर्व से हटाया जाये। आदिवासियों से जंगल उनसे साम, दाम, दंड, भेद से न छीना जाये।

बता दें दोनों जगह आदिवासीयों की आस्था का केंद्र जहाँ आदिवासीयों का पूजन स्थल है, वहाँ रोक लगा दी गई। आदिवासयों का आरोप है कि गिन्नौर गढ़ एवं केरी महादेव हमसे क्यों छीना गया। देर रात तक एसडीएम चंद्रशेखर श्रीवास्तव, तत्कालीन एसडीओपी शीला सुराणा आदि शासन- प्रशासन सबने मिलकर आदिवासियों को 10 दिनों का समय माँगा परन्तु कोयकतोड़ गौंडवाना महासभा कोसल्या बाई उइके द्वारा एक न सुनी। सूत्रों के मुताबिक आदिवासी समाज आने वाली 17 को कुछ बड़ा आंदोलन करेंगे। कटते पेड़ व जंगलों को सीमेंट के जंगलों में खड़े कर दिये गये हैं। हाल ही में बिसनखेड़ा टोल के पास बाघ देखा गया। अब जानवर कहाँ जाये।