शक्कर के दाम बढ़ने से मिठाइयां महंगी, किराए में बढ़ोतरी से कई बहनें नहीं पहुंच सकीं भाइयों के घर
सी के पारे रायसेन
भाई-बहन के पवित्र प्रेम और स्नेह का पर्व रक्षाबंधन इस बार महंगाई की मार के बीच मनाया गया। शक्कर के भाव तेज होने के कारण बाजारों में मिठाइयों के दाम बढ़े रहे, वहीं राखियों की कीमतों में भी इजाफा देखने को मिला। महंगाई के चलते त्योहार की रौनक कुछ फीकी नजर आई।

रक्षाबंधन को लेकर बाजारों में मिठाई और राखियों की दुकानों पर चहल-पहल तो रही, लेकिन बढ़े हुए दामों ने लोगों के बजट को प्रभावित किया। शक्कर के बढ़े भाव के कारण मिठाइयां महंगी हो गईं। वहीं आवागमन के किराए में बढ़ोतरी के कारण कई बहनें अपने भाइयों के घर नहीं पहुंच सकीं और उन्हें दूर रहकर ही रक्षाबंधन का पर्व मनाना पड़ा।

इसके बावजूद भाई-बहन के प्रेम और रिश्ते की गर्माहट पर महंगाई भारी नहीं पड़ सकी। हरदा एवं भोपाल में पारे परिवार एवं भारद्वाज परिवार की बहनों ने अपने भाइयों की कलाइयों पर राखी बांधी और उनके माथे पर तिलक लगाया। इसके बाद नारियल व रुमाल भेंट कर भाइयों की आरती उतारकर उनके सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना की। भाइयों ने भी बहनों को उपहार देकर उनकी रक्षा और हर सुख-दुख में साथ देने का संकल्प दोहराया।
महंगाई के दौर में भले ही रक्षाबंधन का त्योहार पहले की अपेक्षा फीका नजर आया हो, लेकिन भाई-बहन के अटूट प्रेम और भावनाओं में कोई कमी नहीं आई। सीमित साधनों के बीच भी लोगों ने अपनी परंपरा और रिश्तों को निभाते हुए रक्षाबंधन का पर्व उत्साह के साथ मनाया।