सुरेंद्र जैन धरसींवा
ग्राम दोंदेकला स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में श्रद्धेय स्वर्गीय श्रीमती मणीदेवी जी की पावन स्मृति में ‘वन महोत्सव – वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम’ का भव्य आयोजन किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक अनुज शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। वहीं, ‘सरस्वती शिक्षा संस्थान, छत्तीसगढ़’ के संगठन मंत्री डॉ. देवनारायण साहू विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
स्मृति में प्रकृति सेवा और सामूहिक संकल्प
कार्यक्रम के दौरान विधायक अनुज शर्मा और डॉ. देवनारायण साहू ने विद्यालय के उत्साही छात्र-छात्राओं, शिक्षक-शिक्षिकाओं और स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनसमूह को पर्यावरण संतुलन बनाए रखने तथा धरती को हरा-भरा बनाने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने व उनकी निरंतर देखभाल करने का संकल्प दिलाया। विधायक अनुज शर्मा ने अपने संबोधन में कहा, “पूज्य स्वर्गीय श्रीमती मणीदेवी जी की पावन स्मृति में आयोजित इस वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के माध्यम से प्रकृति सेवा का संदेश देना एक बेहद सराहनीय और पवित्र प्रयास है। आज का यह दिन केवल पौधे लगाने का औपचारिक अवसर नहीं है, बल्कि यह हमारी भावी पीढ़ियों के सुरक्षित और हरित भविष्य का संकल्प दिवस है।”
बचपन के संस्कार, वैश्विक चुनौतियाँ और वृक्षारोपण का महत्व
बच्चों के उत्साह की सराहना करते हुए और बढ़ते पर्यावरण संकट पर चिंता व्यक्त करते हुए विधायक ने कहा, “विद्यालय के बच्चों द्वारा वृक्षारोपण में उत्साहपूर्वक भाग लेना एक सुखद और प्रेरणादायक संकेत है। यदि बचपन से ही बच्चों के मन में पर्यावरण सुरक्षा के संस्कार रोपे जाएं, तो एक समृद्ध और हरित भविष्य का निर्माण निश्चित है। आज जिस प्रकार से वैश्विक तापमान (ग्लोबल वॉर्मिंग) और प्रदूषण की चुनौतियाँ बढ़ रही हैं, उनका एकमात्र और सबसे सशक्त समाधान वृक्षारोपण ही है। जब आप एक पौधा रोपते हैं, तो आप केवल मिट्टी में जड़ें नहीं रोपण कर रहे होते, बल्कि आप आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राणवायु ‘ऑक्सीजन’ और जीवन का आधार सुनिश्चित कर रहे होते हैं। आज रोपा गया हर एक छोटा पौधा कल एक विशाल वृक्ष बनेगा, जो न केवल छाया देगा बल्कि अनगिनत जीवों को आश्रय भी प्रदान करेगा। पर्यावरण संरक्षण हमारी प्राचीन संस्कृति का मूल आधार रहा है। हमारे शास्त्रों में भी कहा गया है—’वृक्षो रक्षति रक्षितः’ अर्थात् जो वृक्ष की रक्षा करता है, वृक्ष उसकी रक्षा करते हैं।”

पौधों को परिवार का सदस्य मानकर देखरेख करने का आह्वान
पौधों के संरक्षण और उनके पालन-पोषण पर विशेष जोर देते हुए विधायक अनुज शर्मा ने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया, “केवल पौधा लगाना ही हमारी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि असली कर्तव्य उसकी नियमित देखभाल करना, उसे खाद-पानी देना और उसे एक विशाल वृक्ष के रूप में फलते-फूलते देखना है। मैं यहाँ उपस्थित प्रत्येक विद्यार्थी और ग्रामवासी से यह आग्रह करता हूँ कि आज आपने जो पौधा रोपा है, उसे अपने परिवार का सदस्य मानकर उसकी देखरेख का संकल्प लें। आइए, आज इस पावन ‘वन महोत्सव’ के अवसर पर हम सब मिलकर अपनी धरती माता को पुनः हरी-भरी बनाने, जल और जंगल को बचाने तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की शपथ लें।”
वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित
इस अवसर पर धरसीवाँ जनपद उपाध्यक्ष दिनेश खूटे, विधानसभा मण्डल अध्यक्ष सुनील शर्मा, चंद्रशेखर वर्मा, राजेंद्र खूटे सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, प्रबुद्ध समाजसेवी, विद्यालय प्रबंधन समिति के पदाधिकारी और स्कूल परिवार के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।