पुरानी मजदूरी के पैसों को लेकर हुआ विवाद, चाकू से हमला कर युवक की हत्या; चंद घंटों में तीन आरोपी गिरफ्तार
रामभरोस विश्वकर्मा, मंडीदीप रायसेन
पुरानी मजदूरी के पैसों को लेकर हुए विवाद में युवक की चाकू से हमला कर हत्या के मामले का मंडीदीप पुलिस ने चंद घंटों में खुलासा कर दिया। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त चाकू बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार त करीब 10 बजे सूरज गुर्जर, उसके दो भाई एवं मृतक जगदीश लोधी के बीच पुरानी मजदूरी के पैसों को लेकर विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर तीनों भाइयों ने कथित तौर पर एकराय होकर जगदीश पर चाकू से पीठ और छाती पर कई वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रायसेन आशुतोष गुप्ता के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक नायक के मार्गदर्शन में एसडीओपी (पुलिस) औबेदुल्लागंज सलील शर्मा के नेतृत्व में थाना प्रभारी मंडीदीप रंजीत सराठे द्वारा आरोपियों की तलाश के लिए विशेष अनुसंधान दल गठित किया गया।

तीनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस टीम ने पूछताछ एवं मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों तक पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में साहब सिंह उर्फ लंगा गुर्जर, पिता फूल सिंह गुर्जर, उम्र 32 वर्ष, सूरज गुर्जर, पिता फूलसिंह गुर्जर, उम्र 24 वर्ष तथा प्रेमनारायण गुर्जर, पिता फूलसिंह गुर्जर, उम्र 26 वर्ष शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चाकू बरामद किए हैं।

इन पुलिसकर्मियों की रही सराहनीय भूमिका
मामले के त्वरित खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी में निरीक्षक रंजीत सराठे, थाना प्रभारी मंडीदीप, निरीक्षक अमर सिंह निगम, निरीक्षक विजय त्रिपाठी, थाना प्रभारी सतलापुर, निरीक्षक भारत सिंह, थाना प्रभारी औबेदुल्लागंज, उपनिरीक्षक विनोद परमार, थाना प्रभारी गौहरगंज, उपनिरीक्षक संजय यादव, थाना प्रभारी नूरगंज, उपनिरीक्षक अरविंद पाण्डे, उपनिरीक्षक एम.एस. ठाकुर, उपनिरीक्षक अवनीश गिरी, सहायक उपनिरीक्षक दुर्गेश पाटारे, प्रधान आरक्षक क्रमांक 498 कृष्णपाल जादौन, प्रधान आरक्षक क्रमांक 223 प्रकाश चिड़ार, प्रधान आरक्षक क्रमांक 622 संजय यादव, प्रधान आरक्षक क्रमांक 148 संजय लोवंशी, प्रधान आरक्षक क्रमांक 434 प्रदेश सिंह, प्रधान आरक्षक क्रमांक 44 दिलीप, प्रधान आरक्षक क्रमांक 271 नीलेश, प्रधान आरक्षक क्रमांक 597 संदीप राजपूत, प्रधान आरक्षक सौरभ एवं आरक्षक सूरज की उल्लेखनीय एवं सराहनीय भूमिका रही।