65 साल पुरानी परंपरा प्रभावित होने का समिति ने लगाया आरोप, पुजारी के नहीं हटने पर हनुमान जी का मुखौटा नहीं निकालने की चेतावनी
रायसेन। जिला मुख्यालय के वार्ड नंबर-4 स्थित प्राचीन रामपुर हनुमान मंदिर के पुजारी भोले स्वरूप महाराज को हटाने की मांग को लेकर बुधवार को विवाद गहरा गया। “जय महावीर तेरी जय रघुवीर तेरी” समिति के सैकड़ों सदस्य कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के नाम डिप्टी कलेक्टर रोहित लोधी को ज्ञापन सौंपा।

समिति के सदस्यों ने आरोप लगाया कि मंदिर में पुजारी के रूप में करीब दो वर्ष पहले नियुक्त किए गए भोले स्वरूप महाराज द्वारा कथित रूप से हठधर्मिता की जा रही है। समिति का कहना है कि इससे करीब 65 वर्षों से चली आ रही परंपरा प्रभावित हो रही है।
गर्भगृह में प्रवेश को लेकर भी जताई आपत्ति
ज्ञापन में समिति ने दावा किया कि मंदिर के गर्भगृह में ब्रह्मचर्य का पालन करने वाले साधकों के प्रवेश पर भी रोक लगाई गई है।

समिति के अनुसार, हनुमान जी के मुखौटे की परंपरा से जुड़े साधक रामपुर मंदिर में करीब 40 दिनों तक ब्रह्मचर्य की तपस्या करते हैं। इस दौरान वे प्रतिदिन सुबह करीब 4 बजे उठकर व्यायाम, पूजा-अर्चना और अन्य धार्मिक गतिविधियां करते हैं।
समिति का आरोप है कि इस परंपरा में भी पुजारी द्वारा कथित तौर पर बाधा डाली जा रही है। हालांकि, इन आरोपों पर पुजारी या मंदिर प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया है।
पुजारी को नहीं हटाया तो मुखौटा नहीं निकालने की चेतावनी
समिति ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि भोले स्वरूप महाराज को मंदिर से नहीं हटाया गया तो समिति द्वारा हनुमान जी महाराज का मुखौटा निकालने की परंपरा का निर्वहन नहीं किया जाएगा। समिति ने कहा कि दशहरा और रामलीला मेले के समापन के अवसर पर होने वाली इस परंपरा को रोकने की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

समिति के सदस्यों ने कहा कि यह विवाद लंबे समय से चला आ रहा है और अब प्रशासन को हस्तक्षेप कर मामले का समाधान करना चाहिए। ज्ञापन के माध्यम से समिति ने मंदिर की पुरानी परंपराओं को बनाए रखने और पुजारी को हटाने की मांग की है।
फिलहाल पूरे मामले में जिला प्रशासन की ओर से आधिकारिक निर्णय या पुजारी का पक्ष सामने नहीं आया है।