मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड की ग्राम पंचायत गीदगढ़ में जल जीवन मिशन के तहत 55.48 लाख रुपये की लागत से शत-प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन योजना का कार्य कराया गया था। गांव में पानी की टंकी का निर्माण किया गया और हर गली में पाइपलाइन भी बिछाई गई, ताकि प्रत्येक घर तक नियमित पेयजल पहुंच सके। लेकिन योजना का लाभ पिछले तीन महीनों से ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, नल-जल योजना का बिजली ट्रांसफार्मर करीब तीन महीने पहले जल गया था, जिसके बाद से पानी सप्लाई पूरी तरह बंद है। ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाने के कारण मोटर चालू नहीं हो पा रही है और पूरी योजना ठप पड़ी हुई है। इसके चलते गांव की महिलाओं को दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

ग्रामीण अर्जुन सिंह धाकड़, शिवचरण साहू, सरदार सिंह और घनश्याम धाकड़ ने बताया कि ट्रांसफार्मर जलने की शिकायत कई बार ग्राम पंचायत और बिजली विभाग के अधिकारियों से की गई, लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी और बरसात के मौसम में भी पेयजल संकट बना हुआ है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गीदगढ़ के सरपंच लीला किशन अहिरवार ने बताया कि नल-जल योजना का ट्रांसफार्मर तीन महीने पहले जल गया था। इसकी सूचना बिजली विभाग को दी गई थी, लेकिन अब तक नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया। उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मर नहीं होने के कारण योजना बंद पड़ी है और ग्रामीणों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर बदलकर पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया और जलापूर्ति शुरू नहीं हुई, तो वे संबंधित विभाग के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे।