विदिशा । के लिये ये एतिहासिक महत्व का पल रहा ,जब उनके बीच 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों से युद्ध करते हुये अपने प्राणों की आहुति देने वाली वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के दत्तक पुत्र दामोदर राव जी की पांचवीं पीढ़ी के वंशज श्रीमंत योगेश राव नेवालकर और रानी के सिपहसालार गुल मोहम्मद कासिम खान के वंशज डॉक्टर वसीम खान आये । उन्होंने शासकीय एम एल बी हायर सेकेंड्री स्कूल के समक्ष महारानी लक्ष्मीबाई की मूर्ति पर माल्यार्पण किया।

वहीं से लक्ष्मीबाई अमर रहें और “खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी ” गाते हुये लोग उन्हें महाराष्ट्र समाज धर्मशाला ले गये, जहां विदिशा की विरासत समूह, महाराष्ट्र समाज,मराठा समाज, मुस्लिम त्योहार कमेटी,मुस्लिम शाह कमेटी,पं गंगा प्रसाद पाठक ललित कला न्यास, विदिशा इंटेक, फ़ रागे अदब, प्रतिभा विकास संस्थान,आदि संस्थाओं की ओर नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि राकेश शर्मा, गोविंद देवलिया, अरविन्द श्रीवास्तव, ब्रज किशोर गोयल, अतुल तिवारी,छत्रसाल शर्मा, संतोष नामदेव, नंदकिशोर तिवारी, एड्वोकेट प्रकाश जोशी, हर गोविंद मैथिल,दीपक दीक्षित,शायर चांद खान सोहेल अहमद,इस्माइल खान, आसिफ पटेल ने अतिथियों का स्वागत किया। विदिशा की विरासत के अध्यक्ष गोविंद देवलिया ने श्री मंत योगेश नेवालकर जी के सम्मान पत्र का वाचन किया एवं प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बाद नेवालकर परिवार की संघर्ष से लेकर नागपुर निवास से संबंधित जानकारी विस्तार के साथ दी ।

स्वतंत्रता सेनानी ट्रस्ट की ओर से सम्मान पत्र रामकृष्ण शर्मा, दिनेश बाजपेयी,दीपक तिवारी ने भेट किया गया,जिसका वाचन राजकुमार सराफ प्रिंस नेकिया।महारानी के वंशज श्री नेवालकर एवं वसीम खान ने भी अपने अनुभव साझा किये। वसीम खान का अभिनंदन पत्र का वाचन शिवकुमार तिवारी ने किया। प्रेरणा मंच की ओर से डॉ कमल चतुर्वेदी जी एवं मराठा समाज से ज्योति जाधव एडवोकेट ने सम्मान किया। कार्यक्रम में युवा गायक आशुतोष पाठक की शिष्या हंसुजा सोनी एवं प्रदीप जैन ने स्वागत गीत प्रस्तुत किये ।
इस कार्यक्रम में धर्माचार्य राम लोकरे,श्री ज्ञानी जी, कादरी जी राष्ट्रीय मुस्लिम मंच बासौदा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।। सुदीप शुक्ला, मनमोहन बंसल, डॉ आर एस शर्मा, सुशील शर्मा, मयंक कानून गो, अरविन्द द्विवेदी,श्री प्रवीण शर्मा, सुदिन श्रीवास्तव, दीपक तिवारी,, पिंगले साहब, सुभाष तलेगांवकर,कवि सुरेन्द्र श्रीवास्तव, संजय शर्मा, चक्रवर्ती जैन श्री प्रकाश लोधी,सौरभ जैन एवं कवि ब्रज श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे । कार्यक्रम का संचालन कवि उदय ढ़ोली ने किया ।