रामभरोस विश्वकर्मा, मंडीदीप रायसेन
औबेदुल्लागंज। राजा भोज के समय बनाया गया हिरानिया का प्राचीन खेड़ापति माता मंदिर का तालाब कई वर्षों से गहरीकरण के लिए नगर की ओर देख रहा है, लेकिन इस ओर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं।
नगर का प्राचीन खेड़ापति माता मंदिर की देवी प्रतिमा भी राजा भोज के समय की बताई जाती है। बुजुर्ग लोगों का कहना है कि इसी समय यह तालाब खोदा गया होगा। करीब दस वर्ष पूर्व इस तालाब का गहरीकरण हुआ था। दस वर्ष में यह तालाब वापस समतल हो गया है। इस समय तालाब में पानी बिल्कुल भी नहीं बचा है। शासन द्वारा जल संरक्षण के लिए कई अभियान चलाए जाते हैं लेकिन नगर परिषद तालाब का सवारंने के दिशा में कोई पहल नहीं करती है। शासन के सभी अभियान बैनर लगाने, फोटेा लगाने व एप पर डाउनलोड करने तक सीमित रह गए हैं।