-3 फीट गहरी खाई में जा गिरा 407 वाहन, ड्राइवर-क्लीनर घायल, दो महीना के अंदर दो दर्जन से ज्यादा पलटे ट्रक,
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। करीब 40 किलोमीटर के इस मार्ग पर रोजाना चार से पांच सड़क दुर्घटनाएं होना आम बात बन गई है। एक बार फिर बड़ा हादसा सामने आया, जब ईंटों से भरा एक 407 वाहन अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में जा गिरा। जिससे रोड किनारे ईंटें बिखर गई। वह तो गनीमत रही कि उस समय सामने से कोई अन्य वाहन नहीं आ रहा था नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था

जानकारी के अनुसार 407 वाहन क्रमांक एमपी 04 जेडएस 8038 विदिशा से भोपाल की ओर ईंट भरकर बेचने जा रहा था। जैसे ही वाहन बालमपुर गांव स्थित एयरफोर्स कैंप के पास पहुंचा, तभी वाहन के आगे के दोनों पहिए अचानक निकल गए। पहिए निकलते ही चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और 407 सड़क से उतरकर करीब 3 फीट गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में ड्राइवर और क्लीनर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए भोपाल भेजा गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भोपाल-विदिशा हाईवे पर बड़ी संख्या में ओवरलोड और जर्जर ईंटों से भरे वाहन दिन-रात दौड़ रहे हैं। कई वाहनों का फिटनेस परीक्षण तक नहीं कराया जाता, जिसके चलते आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। इससे पहले कुलहड़िया, मुड़ियाखेड़ा और बालमपुर घाटी पर भी ईंटों से भरे वाहन पलट चुके हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन और परिवहन विभाग से हाईवे पर चल रहे बिना फिटनेस और ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि लगातार हो रहे हादसों पर रोक लगाई जा सके। बता दे की क्षेत्र के आसपास कई गांव में अवैध रूप से ईट भट्टों का कारोबार चल रहा है। जहां से रोजाना हजारों की संख्या में 407 वाहन ईंटों को भरकर आसपास भोपाल विदिशा ले जाया जाता है। प्रशासन ने कुछ दिन पहले कार्रवाई की थी जिसमें कुछ वाहनों पर जुर्माना वसूला गया था लेकिन एक दिन की कार्रवाई से कोई फर्क नहीं पड़ा।
जब से सुखी बाईपास बंद हुआ है तब से अब तक दो महीना के अंदर 40 किलोमीटर मार्ग पर दो दर्जन से ज्यादा ट्रक पलट चुके हैं जिनमें कई ड्राइवर क्लीनर घायल हुए हैं। कुछ महीने पहले भी एक यात्री बस के पीछे के दोनों पहिए निकल गए थे जिनमें यात्री बाल बाल बच्चे थे।