रंजीत गुप्ता शिवपुरी
शिवपुरी के सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय फतेहपुर में चल रहे संघ शिक्षा वर्ग ( विद्यार्थी ) के उद्घाटन सत्र मे मध्यभारत प्रांत के प्रांत प्रचारक विमल जी गुप्ता ने कहा की संघ शताब्दी वर्ष मे कार्यविस्तार एवं कार्य के दृढ़ीकरण हेतु प्रशिक्षण प्राप्त करना सौभाग्य का विषय है, संघ शिक्षा वर्ग एक साधना स्थली है जहाँ पर शिक्षार्थी एक साधक के रूप मे नित्य शारीरिक, बौद्धिक एवं व्यवस्थात्मक प्रशिक्षण प्राप्त करता है। यह सभी प्रशिक्षण मन की साधना से ही संभव है गीता के 6 वे अध्याय के 35 वे श्लोक का वर्णन करते हुए यह बात स्पष्ट की – असंशयं महाबाहो मनो दुर्निग्रहं चलं।अभ्यासेन तु कौन्तेय वैराग्येण च गृह्यते।
साथ ही उन्होंने वर्ग के उद्देश्य पर भी प्रकाश डालते हुए बताया की इस वर्ग के माध्यम से जीवन मे समूह मे काम करने का अभ्यास, संघ के वैचारिक अधिष्ठान की स्पष्टता एवं साहसी,अनुशासित स्वयंसेवक का निर्माण करना है। 24 घंटे की व्यस्ततम दिनचर्या मे स्वयं को व्यस्त रखते हुए सिखने के मानस से शिक्षार्थी प्रशिक्षण प्राप्त करता है।उन्होंने अपने वक्तव्य मे बताया की संघ शिक्षा वर्ग मे शिक्षार्थी विभिन्न प्रकार के प्रबंधन को भी सीखता है जैसे – समय प्रबंधन, मानव प्रबंधन, वित्तीय प्रबंधन,संसाधन प्रबंधन,संकट प्रबंधन,कार्यक्रम प्रबंधन आदि। अपने वक्तव्य के समापन मे उन्होंने कहा की हम सभी इस वर्ष अधिक समय देकर संघ कार्य को विस्तार एवं स्थायी बनाने मे अपनी भूमिका का निर्वहन करे। मध्य भारत प्रांत के आठ विभागोंऔर 31 जिलों से 369 शिक्षार्थी आए हुए हैं इनकी प्रशिक्षण हेतु 42 शिक्षक एवं संचालन टोली के 13 सदस्य वर्ग में पूर्ण समय है इस वर्ग की व्यवस्था के लिए 35 विभिन्न कार्य विभागों में प्रबंधन व्यवस्था में हैं।