-ट्राला बीच रोड पर खड़ा हो गया जिससे लगा लंबा जाम,
देर शाम ट्राला अनियंत्रित होकर रोड से नीचे उतरा
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल विदिशा हाईवे 18 पर स्थित बालमपुर घाटी पर देर शाम को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब सल्फर से भरा 14 चक्का ट्रक चढ़ाई चढ़ते वक्त अचानक बीच घाटी में रुक गया और पीछे की ओर रिवर्स होने लगा। ट्रक के अचानक पीछे सरकने से मौके पर मौजूद लोगों और अन्य वाहन चालकों में हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि ट्रक चालक और क्लीनर ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत ट्रक के पहियों के पीछे बड़े पत्थर लगा दिए, जिसके बाद किसी तरह ट्रक को रोक लिया गया। यदि थोड़ी भी देर हो जाती तो घाटी में बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना के बाद ट्रक बीच घाटी में ही खड़ा रहा, जिससे दिनभर बार-बार जाम की स्थिति बनती रही। देर शाम को चढ़ते वक्त एक ट्राला घाटी चढ़ते वक्त बीच घाटी पर खड़ा हो गया तब और हालात और बिगड़ गए और करीब एक से डेढ़ घंटे तक लंबा जाम लगा रहा। जाम इतना बढ़ गया कि लगभग 5 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बालमपुर घाटी के ऊपर भदभदा तक, और घाटी के नीचे दाल मिल चौराहे दीवानगंज तक जाम लग गया।
जाम में फंसे मोटरसाइकिल सवार, कार चालक, बस यात्री और अन्य राहगीर करीब दो घंटे तक परेशान होते रहे। कई यात्री गर्मी और धूल के कारण परेशान दिखाई दिए।

बता दें की सूखी सेवनिया बायपास रोड बंद होने के कारण आए दिन बालमपुर घाटी पर हादसे हो रहे हैं। दो महीना के अंदर ही बालमपुर घाटी से लेकर त्रिमूर्ति चौराहे तक एक दर्जन से ज्यादा ट्रक दुर्घटना के शिकार हो चुके हैं। इनमें से कई घाटी पर पलट चुके हैं तो कई रोड से नीचे जाकर खाई में गिर चुके हैं। बार-बार दुर्घटनाओं के कारण हमेशा हाईवे 18 पर जाम की स्थिति बन रही है।
सुखी सेवनिया बाईपास लगभग कई महीनो तक बंद रहने का ग्रामीणों ने अनुमान जताया है क्योंकि ओवर ब्रिज पर कार्य प्रगति पर है। जिससे हाईवे 18 पर ट्रैफिक दिना दिन बढ़ता ही जा रहा है जिससे हादसों में बढ़ोतरी हुई है। ऐसा कौन सा दिन नहीं जा रहा है जिस दिन 3 से 4 हादसे नहीं हो रहे हो , इन हादसों से आसपास के पुलिस थाने की पुलिस खासा परेशान है।
घाटी मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही और चढ़ाई के दौरान ट्रकों के खराब होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बालमपुर घाटी पर भारी वाहनों के लिए विशेष व्यवस्था की जाए ताकि आए दिन लगने वाले जाम और हादसों के खतरे से लोगों को राहत मिल सके।