खेतों में धधक रही नरवाई, धुएं से घुट रहा माहौल ,रोजाना जल रही फसलों की अवशेष, बढ़ रहा प्रदूषण और पशुओं के चारे का संकट
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
क्षेत्र में इन दिनों खेतों में नरवाई जलाने का सिलसिला लगातार जारी है। रोजाना कहीं न कहीं फसल कटाई के बाद बची नरवाई में आग लग रही है जिससे पूरे क्षेत्र में धुआं फैल रहा है। धुएं और प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं पर्यावरण पर भी इसका गंभीर असर दिखाई दे रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह और शाम के समय खेतों से उठता धुआं साफ देखा जा सकता है। तेज हवा चलने के कारण आग कई बार आसपास के खेतों तक पहुंच जाती है, जिससे बड़े हादसे का खतरा भी बना रहता है। नरवाई की आग से कई बार क्षेत्र में बड़े-बड़े हादसे भी हो चुके हैं। इसके बाद भी लगातार खेतों की नरवाई में आग जल रही है।
नरवाई जलाने से जमीन की उर्वरक क्षमता पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है और खेतों में मौजूद लाभदायक जीव-जंतु नष्ट हो रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर पशुपालकों के सामने चारे का संकट भी गहराता जा रहा है। खेतों में बची नरवाई और सूखी घास पशुओं के लिए उपयोगी होती है, लेकिन आग लगाने से यह पूरी तरह जलकर राख हो जाती है। इससे गर्मी के मौसम में पशुओं के लिए हरे और सूखे चारे की कमी बढ़ने लगी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा नरवाई जलाने पर रोक लगाने के निर्देश तो दिए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका पालन नहीं हो पा रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नरवाई जलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए और किसानों को इसके नुकसान के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि प्रदूषण और आगजनी की घटनाओं पर रोक लग सके।