माता रानी के दरबार में एक भक्त ने अपने शरीर पर जवारे होकर शुरू की कठिन उपासना
सीएल गौर, रायसेन
रायसेन। जिला मुख्यालय रायसेन से18 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम खंडेरा वाली माता रानी के दरबार में शारदेय नवरात्र के चलते भक्तों का मेला लग रहा है, दूर-दूर से भक्त मन में श्रद्धा लेकर माता रानी के दर्शन करने के लिए और मन्नत मांगने के लिए प्रतिदिन आ रहे हैं, कोई नंगे पैर चलकर तो कोई चुनरी पैदल यात्रा के माध्यम से तो कोई अपने-अपने निजी वाहनों से चलकर खंडेरा वाली माता के सिद्ध दरबार में आशीर्वाद लेने के लिए पहुंच रहे हैं

खंडेरा वाली माता रानी के दरबार में बड़ी संख्या में प्रसादी, नारियल, चुनरी एवं अन्य पूजन सामग्री की दुकान लगी हुई है ।अब प्रतिदिन माता रानी के दरबार में भक्तों की भीड़ बढ़ती जा रही है वैसे भी खंडेरा वाली माता रानी का इतिहास बहुत ही पुराना है वर्षों पूर्व माता रानी एक छोले के पेड़ के नीचे विराजमान थी, फिर उनकी कृपा से आज विशाल मंदिर बनकर खड़ा हो गया है भव्य स्वरूप लिए मंदिर केी छवि को देखने के लिए यहां भक्त लाइन लगाए खड़े रहते हैं।

नवरात्र के अलावा भी हर समय यहां प्रतिदिन भक्तों का आना-जाना लगा रहता है जो भी भक्त सच्चे मन से आता है उसकी मनोकामना मां खंडेरा वाली माता रानी जरुर पूरा करती हैं। खंडेरा माता मंदिर ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष श्री बघेल एवं ग्राम सरपंच मेहरबान सिंह तथा सदस्य रघुवीर मीणा ने बताया कि खनडेरा माता मंदिर का इतिहास लगभग 500 साल से भी पुराना बताया जाता है यहां जो भी भक्त अपनी मन्नत मांगने आता है छोला वाली माता रानी उसकी मनोकामना अवश्य पूरी करती हैं।

मातारानी के दरबार में कई वर्षों से शरीर पर जवारे बोकर कठिन उपासना करते आ रहे हैं चंदन सिंह यादव
खंडेरा वाली माता रानी के दरबार में भगत कई वर्षों से विदिशा जिले के ग्राम परासिया अहमदपुर निवासी चंदन सिंह यादव पिछले कई वर्षों से नवरात्र के समय में आते हैं और पूरे 9 दिनों तक अपने शरीर पर जवारे होकर माता रानी की कठिन उपासना करते हैं इस बार भी उन्होंने अपने पूरे शरीर पर जवारे बोए हैं उनके साथ उनकी सेवा करने के लिए सेवादार भी पूरे समय साथ रहते हैं। उन्होंने बताया कि कई साल से चंदन सिंह यादव कई वर्षों से लगातार नवरात्र के समय में आते हैं और अपने पूरे शरीर पर जवारे बोकर कठिन उपासना करते हैं इस दौरान वह पूरे 9 दिनों तक
कुछ भी ग्रहण नहीं करते वह उनकी विशेषता है सेवादार ने बताया कि उन्हें यह शक्ति माता खंडेरावली से मिलती है।