मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
दीवानगंज क्षेत्र में पिछले दो दिनों से मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है, जिससे जनजीवन और खेती दोनों पर असर पड़ा है। गुरुवार-शुक्रवार देर रात करीब 12 से 1 बजे के बीच तेज आंधी-तूफान ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तेज हवाओं के चलते कई पेड़ जड़ से उखड़कर गिर गए, जबकि कई पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों और खेतों में बिखर गईं। देर रात तक हल्की बूंदाबांदी का दौर भी जारी रहा। कई घंटे तक क्षेत्र में बिजली गुल रही। जिससे जनजीवन प्रभावित रहा।

दीवानगंज के सागोनी मोहल्ले में एक कई साल पुराना आम का पेड़ आंधी की चपेट में आकर धराशाई हो गया। वहीं तेज हवाओं के कारण आम के पेड़ों पर लगी केरियां भी बड़ी संख्या में गिरकर जमीन पर बिखर गईं, जिससे बागवानों को नुकसान उठाना पड़ा है।
इससे एक दिन पहले भी क्षेत्र में आधे घंटे तक तेज बारिश हुई थी, जबकि विनोद गांव में ओलावृष्टि दर्ज की गई थी। लगातार बिगड़ते मौसम ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। बेमौसम बारिश और ओलों के कारण कई किसानों की गेहूं ,चने की फसलें खराब हो चुकी हैं, जबकि कई किसानों की कटी हुई गेहूं ,चने की फसल खेतों में ही पड़ी है, जो अब खराब होने के कगार पर पहुंच गई है।
किसानों का कहना है कि इस बार सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की तारीख तीन बार बढ़ाई जा चुकी है, जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

किसानों को डर है कि यदि जल्द खरीदी शुरू नहीं हुई, तो उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है।
ग्रामीण किसानों ने सरकार से जल्द से जल्द समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू करने और फसल नुकसान का सर्वे कर मुआवजा देने की मांग की है। वहीं मौसम की मार से पूरा क्षेत्र परेशान नजर आ रहा है और किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं।
कुछ किसानों का सोचना है की मौसम अगर इसी तरह बना रहा तो आने वाले दिनों में न जाने सरकार समर्थन मूल्य पर खरीदी प्रारंभ करेगी या अन्य कोई तारीख की घोषणा करेगी। क्षेत्र के सभी किसान समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए इंतजार कर रहे हैं।