सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
जिले की गैरतगंज तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत गढ़ी में उप पशु चिकित्सालय की स्थापना की मांग अब तेज़ हो गई है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग उठाई है।
ग्राम पंचायत गढ़ी के सरपंच सैयद मसूद अली पटेल ने बताया कि ग्राम पंचायत गढ़ी की जनसंख्या लगभग 8000 है, जहां अधिकांश लोगों की आजीविका कृषि एवं पशुपालन पर आधारित है। गांव में एक बड़ी गौशाला संचालित है, जिसमें करीब 1200 गौवंश हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में पालतू पशुओं की संख्या भी हजारों में है। आसपास के लगभग 30 गांव गढ़ी से जुड़े हुए हैं, जहां कुल पशुधन की संख्या 5000 से अधिक बताई जा रही है।
इसके बावजूद गढ़ी में पशुओं के उपचार हेतु कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। समय पर उपचार न मिलने के कारण कई पशुओं की मृत्यु तक हो जाती है। पशुपालकों को इलाज के लिए 10 से 12 किलोमीटर दूर गैरतगंज और देहगांव स्थित पशु चिकित्सालयों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है। कई बार देर से उपचार मिलने के कारण पशुओं की स्थिति गंभीर हो जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि गढ़ी में उप पशु चिकित्सालय स्थापित किया जाता है, तो पशुओं को समय पर उपचार मिल सकेगा और दुग्ध उत्पादन के साथ-साथ पशुपालन व्यवसाय को भी बढ़ावा मिलेगा।
सरपंच सैयद मसूद अली पटेल ने बताया कि इस संबंध में पशु चिकित्सा विभाग, मंत्री, क्षेत्रीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक डॉक्टर प्रभु राम चौधरी, रायसेन जिले के प्रभारी मंत्री, संचालक पशु चिकित्सा विभाग सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को आवेदन पत्र सौंपे जा चुके हैं।
गढ़ी क्षेत्र के स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं पशुपालकों में उप सरपंच बृजेश कुमार जाटव, गौशाला संचालक इंद्रेश कुमार दीक्षित, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि भागचंद चौरसिया, पूर्व जनपद सदस्य खेमचंद चौरसिया, समाजसेवी मोहन जाटव, नीरज पंडा चौरसिया, सैयद दाऊद अली पटेल, ऋषभ जैन, नितिन जैन, सैयद आफ़ताब अली, सादी लाल सेन, हाई मियां, छतर सिंह यादव ने शासन-प्रशासन से जनहित में शीघ्र निर्णय लेकर गढ़ी में उप पशु चिकित्सालय स्वीकृत करने की मांग की है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांग हे कि गढ़ी में शीघ्र उप पशु चिकित्सालय स्वीकृत कर निर्माण कराया जाए, ताकि हजारों पशुपालकों का उपचार हो सके।