रामभरोस विश्वकर्मा, मंडीदीप रायसेन
रायसेन जिले की जनपद पंचायत औबेदुल्लागंज अंतर्गत ग्राम पंचायत कमतोंन काँसिया में पिछले डेढ़ वर्ष से वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार अक्टूबर 2024 से अब तक पंचायत सचिव के पास वित्तीय प्रभार नहीं है, जिसके चलते पूर्व में जारी डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) के माध्यम से राशि आहरण कर खर्च किए जाने की बात कही जा रही है।
जानकारी के मुताबिक खेत तालाब योजना, कपिलधारा योजना एवं “एक बगिया मां के नाम” जैसी योजनाओं में भी गड़बड़ियों के आरोप लगे हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य भूजल स्तर बढ़ाना और ग्रामीणों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है, लेकिन कार्यों की गुणवत्ता और भुगतान प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्राम रोजगार सहायक (GRS) के पद पर पदस्थ कर्मचारी की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी हुई है। बताया जा रहा है कि संबंधित कर्मचारी नियमित रूप से पंचायत में उपस्थित नहीं रहतीं, जिससे कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के पूर्व जनप्रतिनिधि द्वारा कार्यों में हस्तक्षेप किया जा रहा है।
ग्राम पंचायत कामतोन क़ासिया के ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया की यदि ग्राम पंचायतो मे हो रहे निर्माण कार्य और मनरेगा के कार्यों की जाँच की जाएगी तो भारी भ्रस्टाचार सामने आ सकता है!कई कार्य तो कागजो तक सिमित है!मजदूरों की जगह मशीनों से कार्य कराया गया!और मस्टर रोल डालकर मजदूरी का पैसा खाते मे डाला गया है!जिसमे भारी भ्रस्टाचार किया गया है! पूर्व के 10 वर्षों के कार्य की यदि जांच की जाएगी तो कई लोग जेल की सलाखों के पीछे होंगे!