सागर । आचार्य श्री विद्या- समय सागर महाराज के सानिध्य में प्रथम जैन तीर्थंकर श्री ऋषभ नाथ भगवान को पालकी में विराजमान कर जन्म जयंती पर बाहुबली कॉलोनी से श्री जी की विशाल शोभा यात्रा मुनि श्री प्रबोध सागर महाराज, मुनि श्री महासागर महाराज, मुनि श्री शैलसागर महाराज, मुनि श्री अचलसागर महाराज ससंघ के सानिध्य में निकली।
मुकेश जैन ढाना ने बताया कि बाहुबली कॉलोनी से आदिनाथ जयंती के अवसर पर सुबह 7 बजे से श्रीजी की विशाल शोभायात्रा बाहुबली कॉलोनी के भीतर निकाली गई जगह-जगह रंगोली डालकर श्रीजी की आरती उतारी। उसके पश्चात जैन मंदिर से श्री जी की शोभायात्रा सुबह 8 बजे से नगर परिक्रमा के लिए निकली। जो राधा टॉकीज, वर्णी कॉलोनी, कीर्ति स्तंभ, कटरा जैन मंदिर, बडकुल मंदिर विजय टॉकीज, माता मढिया होकर वापस चंद्रप्रभु जिनालय बाहुबली कॉलोनी पहुंची जहां पर श्री जी का अभिषेक हुआ। मुनि संघ के प्रवचन हुए।

प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान की जन्म जयंती पर तप व जन्म कल्याणक पर महामस्तकाभिषेक
जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ भगवान के जन्म,तप कल्याणक पर 12 मार्च को सागर नगर के सबसे प्राचीन जैन मंदिर काकागंज के बड़े बाबा श्री आदिनाथ भगवान का महामस्तकाभिषेक हजारों लोगों ने शुद्ध वस्त्रो में स्वर्ण और चांदी के कलशो से किया।
महामस्तकाभिषेक के दौरान संगीतमय भजनों की प्रस्तुति भी चलती रही। सुबह 7 से भक्तों का आना प्रारंभ हो गया था प्रछाल के उपरांत मंगलाष्टक पढ़कर भगवान का अभिषेक, शांतिधारा के बाद सामूहिक पूजन हुई। उसके पश्चात मूल नायक श्री आदिनाथ भगवान का महामस्तकाभिषेक हुआ। बोलियो के माध्यम से सुनील जैन राजेश जैन पटना, ऋषभ जैन मनोज जैन लालो, दीपक जैन शैलेंद्र जैन विद्या आईल, विवेक जैन अरिहंत विहार, दयाचंद प्रदीप जैन मंगलम और सुशील जैन बहरिया को महामस्तकाभिषेक करने का सौभाग्य हासिल हुआ
दोपहर में गोला कुआं के पास श्री विद्यासागर कीर्ति स्तंभ पर खीर वितरण का कार्यक्रम लगभग 2 घंटे तक चला। शाम 7 बजे से संगीतमय तरीके से भक्तांबर पाठ 48 दीपों को जलाकर हुआ। रात्रि में जैन भजनो की प्रस्तुति दी गई हजारों श्रद्धालुओं ने बड़े बाबा की आरती की।