अब तक करीब एक करोड़ गबन का मामला आया सामने
बैंक प्रबंधन अपने ही दिए बॉन्ड को बता रहा फर्जी
सुरेंद्र जैन धरसीवां
आईडीबीआई बैंक चरोदा में खाताधारकों के साथ धोखाधड़ी गबन के नित नए मामले सामने आ रहे हैं अब तक ऐसे चौदह खाताधारक सामने आ चुके जिनके लाखों रुपए बैंक के खातों में या तो जमा ही नहीं हुए या फिर निकाल लिए गए आश्चर्य की बात तो यह है कि बैंक के अंदर बैठकर बैंक की सील लगाकर दिए गए बॉन्ड पेपर को ही बैंक अब फर्जी बता रहा है जिससे इस बड़े घोटाले में ओर भी लोगों की संलिप्तता नजर आ रही है।
सोमवार को धोखधड़ी का शिकार हुए आईडीबीआई बैंक के चौदह खाताधारक पुलिस थाना धरसीवा पहुंचे और अपनी खून पसीने की जीवनभर की कमाई बैंक से वापस दिलाने की मांग की धरसीवा पुलिस कुछ आवेदनों पर एफआईआर दर्ज कर दो बैंक कर्मी आरोपियों राजा खूंटे ओर दुर्गेश शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है शेष आवेदनों की जांच की जा रही है।
ज्ञात रहे कि फरवरी में पहला मामला गोवर्धन दीवान ओर उनकी पत्नी शकुंतला दीवान का आठ लाख सत्तर हजार रुपए खाते से गायब होने का सामने आया था जिसमें पीड़ित दंपति का पुत्र सुरेश दीवान 11 फरवरी को पुलिस थाना में आवेदन दिया इसके बाद वह अपने गांव अकोली से सायकिल से रायपुर कलेक्ट्रेट ओर एसपी कार्यालय जाकर शिकायत किया बैंक प्रबंधन ने इस मामले के बाद अपने कर्मचारी दुर्गेश वर्मा को निलबित किया लेकिन इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी जब यह पूरा मामला मीडिया में उजागर हुआ तो अन्य खाताधारक भी अपने अपने खाते चेक करने लगे ओर दूसरा मामला नरेंद्र वर्मा ओर उनकी पत्नी निवासी सिलतरा का चालीस लाख रुपए खाते से गायब होने का सामने आया जिसमें धरसीवां पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर अस्थाई कर्मचारी राजा खूंटे को गिरफ्तार कर जेल भेजा लेकिन 11फरवरी के पुराने आवेदन पर एफआईआर नहीं हुई थी मामला बढ़ा तो उस आवेदन पर भी एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने निलंबित बैंक कर्मी दुर्गेश शर्मा को भी गिरफ्तार किया ओर जेल भेजा
यह मामला लगातार मीडिया में आने से खाताधारकों ने अपने अपने खाते चेक किए वह बैंक गए तो पता चला उनके साथ भी बैंक में धोखधड़ी हुई है एक एक कर पीड़ित खाताधारको की संख्या चौदह तक पहुंच गई ओर धोखधड़ी की राशि का आंकड़ा करीब एक करोड़ तक पहुंच गया।
*पुलिस थाना पहुंचे सभी चौदह पीड़ित*
आईडीबीआई बैंक के जिन चौदह खाताधारक के खाते से राशि निकाली गई या जमा ही नहीं हुई ऐसे चौदह खाताधारक सोमवार को पुलिस थाना धरसीवा पहुंचे और आवेदन देकर अपनी अपनी राशि वापस दिलाने की मांग की
*फर्जी बॉन्ड पेपर*
इस बीच आश्चर्य में डालने वाला मामला ये भी सामने आया कि खाताधारकों द्वारा लाखों रुपए जमा करने का उन्हें बैंक कर्मियों ने बैंक के सील साइन वाला बॉन्ड पेपर दिया था बैंक उसे अब फर्जी बता रही है
बड़ा सवाल ये कि जब बैंक से ही बॉन्ड दिया गया ओर वह फर्जी है तो फर्जी किसने ओर कहा से बनवाया क्या इससे यह संदेह नहीं बढ़ता कि इसमें कोई ओर भी बैंक के बड़े अधिकारी सामिल हैं
*किन किनके कितने कितने लाख गायब*
आईडीबीआई बैंक चरोदा से श्रीमती किरण वर्मा मोहदी के साथ लाख भगवान सिंह के चार लाख देवशनी लहरी मोहदी के चार लाख कुसुम साहू मोहदी के चार लाख गोविंद सेन के दस लाख नरेंद्र वर्मा मनीषा वर्मा के बीस बीस लाख गोवर्धन दीवान श्रीमती शकुंतला दीवान के आठ लाख सत्तर हजार इसी तरह जितेंद्र साहू धनेली शंकर वर्मा रानी यादव स्वाति वर्मा रामनारायण गुप्ता जितेंद्र वर्मा आदि के लाखों रुपए मिलाकर आंकड़ा एक करोड़ के आसपास पहुंच गया है