50 लाख की लागत से बना सामुदायिक सह-प्रशिक्षण भवन 8 साल में ही जर्जर, निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल
राहुल बैरागी, मंडीदीप रायसेन
जनपद पंचायत ओबेदुल्लागंज के पास वर्ष 2017 में लगभग 50 लाख रुपए की लागत से निर्मित सामुदायिक सह-प्रशिक्षण भवन का उद्घाटन बड़े दावों के साथ किया गया था। उद्देश्य था—स्थानीय बैठकों, प्रशिक्षणों और सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए एक उपयोगी एवं टिकाऊ भवन उपलब्ध कराना। मगर मात्र 8 वर्ष के भीतर ही यह भवन पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता और संभावित भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

भवन की दीवारों में दरारें, सीलन, प्लास्टर झड़ना और छत के कई हिस्सों का कमजोर होना यह साफ दर्शाता है कि निर्माण के दौरान मानकों को दरकिनार किया गया। 50 लाख की लागत से बने भवन का इतनी कम अवधि में खंडहर जैसी स्थिति में पहुंच जाना स्वयं में बड़ा सवाल है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस भवन में आज भी कई महत्वपूर्ण बैठकें और सरकारी कार्य होते हैं, जबकि इसकी हालत किसी भी दिन दुर्घटना को न्योता दे सकती है। इसके बावजूद जनपद प्रशासन द्वारा अभी तक कोई गंभीर मरम्मत या कार्यवाही शुरू नहीं की गई है।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।भवन की स्थिति को देखते हुए तत्काल मरम्मत एवं सुरक्षा उपाय किए जाएं।भविष्य में ऐसे निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की निगरानी सुनिश्चित की जाए।

8 साल में धराशायी होने की कगार पर पहुंच चुका यह भवन भ्रष्टाचार की एक और कहानी बयां कर रहा है, जिसे अनदेखा करना अब प्रशासन के लिए कठिन होता जा रहा है।