बेटियों की पुकार – आरोपी को सज़ा दिलाओ, न्याय दिलाओ,गौहरगंज दुष्कर्म कांड पर उबल रहा जनाक्रोश, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग तेज
रामभरोस विश्वकर्मा, ओबेदुल्लागंज रायसेन
गौहरगंज क्षेत्र में मासूम बेटी के साथ हुए दुष्कर्म के 2 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी न होने से जनाक्रोश चरम पर है। पीड़िता और उसकी बहनों ने व्यथित आवाज़ में कहा—
“आरोपी को कड़ी सज़ा मिले, हमारी आवाज़ सुनी जाए… हमसे मिलने आएं विधायक सुरेन्द्र पटवा।”बेटियों ने मार्मिक गुहार ने पूरे क्षेत्र के संवेदनशील लोगों को झकझोर दिया है।
विधायक पर सवाल, राजनीति गरमाई
घटना को लेकर कांग्रेस नेता परेश नागर ने भोजपुर विधायक सुरेन्द्र पटवा पर तीखी टिप्पणी की। नागर ने कहा—“इतनी बड़ी घटना के बाद भी विधायक की कोई प्रतिक्रिया नहीं, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तक नहीं। जनता को परिवार कहते हैं, पर पीड़िता से मिलने भी नहीं पहुंचे।”इन बयानों से राजनीतिक हलकों में गरमाहट बढ़ गई है।
पुलिस लगातार छापेमारी पर, फिर भी आरोपी फरार
एसपी रायसेन पंकज कुमार पांडे मामले की कमान स्वयं संभाले हुए हैं और दो दिनों से गौहरगंज में डेरा डाले हुए हैं। पुलिस की 10 टीमें लगातार तलाशी अभियान में जुटी हैं, लेकिन आरोपी अभी भी गिरफ्त से बाहर है, जिससे लोगों में रोष बढ़ रहा है।

धरना, हाईवे जाम — न्याय के लिए सड़कों पर उतरे लोग
आरोपी की गिरफ्तारी न होने से नाराज़ लोगों ने आज पहले शांतिपूर्ण धरना दिया, लेकिन दो घंटे बाद इसकी अग्नि हाईवे जाम में बदल गई। पुलिस और प्रशासन की ओर से गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद जाम खोला गया।
बाजार बंद – व्यापारियों ने भी जताया विरोध
ओबेदुल्लागंज व्यापारी संघ और हिंदू उत्सव समिति ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की।पूरा मार्केट बंद रहा, दुकानों के शटर न्याय की मांग में झुके दिखाई दिए।स्वास्थ्य विभाग पर भी उठे सवाल – BMO पर कार्रवाई अब तक अधर में घटना के इलाज के दौरान हुई लापरवाही को लेकर BMO अमृता जीवने पर सकल हिंदू समाज, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी अब तक मौन हैं, जिससे आक्रोश और बढ़ रहा है।
समाज से अपील
मासूमों के साथ होने वाले अपराध किसी समाज, दल, जाति या धर्म के खिलाफ नहीं—पूरी मानवता के खिलाफ अपराध हैं।समय की मांग है कि परिवार, समाज और प्रशासन मिलकर अपराधियों के विरुद्ध खड़े हों,बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए,संवेदनशील मामलों में राजनीति नहीं, न्याय पहली जरूरत बने
अंतिम संदेश
इस घटना ने फिर याद दिलाया है कि अपराधी तभी बढ़ते हैं जब समाज चुप रहता है।आज बेटियाँ न्याय की पुकार लगा रही हैं —
“हमें सुरक्षा दो, हमें न्याय दो।”और यह जिम्मेदारी पूरे समाज, व्यवस्था, और जागरूक नागरिकों की है कि आवाज़ दबने न पाए।