श्रीकृष्ण की हो गईं जामवंती,जामगढ़ में हुई शॉर्ट फिल्म की शूटिंग, इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में होगी प्रदर्शित
अंकित तिवारी बरेली रायसेन
यह द्वापर युग को वास्तविक रूप में देखने जैसा अनुभव था। मध्यप्रदेश शासन के श्रीकृष्ण पाथेय में शामिल जामगढ़ में खजुराहो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के लिए शॉर्ट फिल्म की शूटिंग देखने बड़ी संख्या में आए अधिकांश लोगों की कुछ ऐसी ही प्रतिक्रिया थी। शूटिंग प्रसिद्ध जामवंत गुफा पर हुई, जो धरातल से लगभग एक हजार फुट ऊपर विंध्याचल की पहाड़ी पर है।
जामगढ़ पुरातत्वविदों, इतिहासप्रेमियो और धर्मप्रेमियों के लिए सदैव ही महत्वपूर्ण स्थान रहा है। यहाँ दूर दूर से लोग आते रहे हैं । इस स्थान को आधिकारिक पहचान बीते साल मिली, जब मध्यप्रदेश शासन ने इसे श्रीकृष्ण पाथेय में शामिल करने की घोषणा की । इस तरह जामगढ़ को श्रीकृष्ण की ससुराल के रूप में आधिकारिक मान्यता मिल गई। मध्यप्रदेश शासन के विभिन्न विभाग यहाँ के विकास के लिए योजनाएं तैयार कर रहे हैं । इससे पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों में और अधिक तेजी आएगी। श्रीकृष्ण पाथेय में प्रदेश के उन आठ स्थानों को सम्मिलित किया गया है , जहाँ श्रीकृष्ण के चरण पड़े थे ।

क्या हुआ शूटिंग में
फिल्म की शूटिंग गुफा पर ही हुई। सैकड़ों दर्शकों की मौजूदगी में श्रीकृष्ण को स्यमंतक मणि की चोरी के लांछन, उनके द्वारा मणि की तलाश में जामवंत गुफा तक पहुँचने का फिल्मांकन किया गया। फिल्म में श्रीकृष्ण और जामवंत के बीच 27 दिनों के युद्ध को भी दिखाया गया है । इसके बाद जामवंत को श्रीकृष्ण के देवीय स्वरूप का भान और फिर मणि के साथ ही अपनी पुत्री जामवंती को भी अर्पित करने की शूटिंग हुई। जामवंती के विवाह को पूरी जीवन्तता के साथ फिल्माया गया।

इनकी रही प्रमुख भूमिका
इस फिल्म का निर्देशन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के मध्यप्रदेश प्रभारी सुनील सोन्हिया ने किया। कलाकारों में गाडरवारा के मनीष कोरी और उनकी टीम ने जामवंत, श्रीकृष्ण और जामवंती के चरित्र निभाए । भोपाल के सिनेमेटोग्राफर अन्कित मैथिल और उनकी टीम के अमित मैथिल, अतिशय जैन और वैभव सक्सेना ने फिल्मांकन किया।
दिसंबर में खजुराहो मे होगी प्रदर्शित
डॉक्यूमेंट्री फिल्म के निर्देशक सुनील सोनिया ने बताया कि खजुराहो मे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 15 से 22 दिसम्बर तक आयोजित होगा। यह फिल्म इसके लिए नामांकित हो चुकी है ।