रामभरोस विश्वकर्मा मंडीदीप रायसेन
सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में बढ़ते सड़क हादसों और यातायात अवरोधों को देखते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सभी राज्य सरकारों के अधिकारियों को निर्देश दिया है! कि हाईवे राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे से आवारा मवेशियों को तुरंत हटाया जाए।
शीर्ष अदालत ने कहा कि आवारा पशुओं के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं! जिससे आम जनता की जान को गंभीर खतरा है। कोर्ट ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट आदेश दिया है! कि वे इस दिशा में तुरंत प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित करें।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य सरकारें और नगर निकाय इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस योजना बनाएं। मवेशियों के पुनर्वास के लिए पर्याप्त गौशालाओं और शेल्टर होम्स की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में सड़कें दोबारा अवरुद्ध न हों।
अदालत ने साफ कहा कि “जनहित से जुड़ा यह मामला किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अब सभी जिलों के प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को सुनिश्चित करना होगा कि राजमार्गों और मुख्य मार्गों पर आवारा मवेशी नजर न आएं।