मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
दीवानगंज सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में इस बार मजदूरों की भारी कमी देखी जा रही है। धान और सोयाबीन की कटाई का समय होने के बावजूद स्थानीय मजदूरों की अनुपलब्धता से किसान परेशान हैं। मजबूर होकर किसानों ने बाहर से मजदूर बुलाए हैं ताकि समय पर फसल कटाई पूरी की जा सके।
किसानों का कहना है कि खेतों में खड़ी फसल पक चुकी है, लेकिन मजदूर नहीं मिलने से कटाई में देरी हो रही थी।
लेकिन खेतों में मजदूरों की भारी कमी से किसान परेशान हैं। मजदूरों को बुलाने के लिए उन्हें अब किराया, भोजन और रहने तक की सुविधा देनी पड़ रही है।

फसल कटाई के इस सीजन में भोपाल, सागर, राजगढ़, सीहोर और विदिशा जैसे जिलों से रोजाना सैकड़ों मजदूर दीवानगंज पहुंच रहे हैं। किसान अपने वाहनों से इन्हें खेतों तक लेकर जा रहे हैं। कई मजदूर रेलवे स्टेशन और फैक्ट्री चौराहे पर ही काम की तलाश में पहुंचते हैं, जहां किसान और ठेकेदार उन्हें सीधे खेतों में ले जाते हैं।
मजदूरों ने बताया कि अपने जिलों में जहां उन्हें 300 रुपए मजदूरी मिलती है, वहीं यहां 500 से 600 रुपए के साथ भोजन और यात्रा खर्च भी दिया जाता है। कई मजदूर अगले दो महीनों तक यहीं रहकर काम करेंगे।

किसानों का कहना है कि अब फसल कटाई पूरी तरह मजदूरों पर निर्भर है। मजदूरों की कमी से फसल खेतों में खड़ी रह जाने का डर है, इसलिए उन्हें मुंहमांगे दाम देकर काम करवाना पड़ रहा है। कई जगह किसान मजदूरों को खेतों पर ही ठहराकर सारी सुविधाएं मुहैया करा रहे हैं। बाहर से आए मजदूरों को रोज़ाना मजदूरी के हिसाब से काम दिया जा रहा है। फसल का मौसम होने से खेतों में अब दिन-रात कटाई का दौर चल रहा है।