रामभरोस विश्वकर्मा, मंडीदीप रायसेन
प्रदेश में हवाला कारोबार का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार, भोपाल सहित आसपास के जिलों में बड़ी संख्या में फर्जी बैंक खाते खुलवाकर हवाला का पैसा ट्रांसफर किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि एक ही व्यक्ति के नाम पर पाँच से अधिक बैंक खाते खुलवाए जा रहे हैं!जिनका इस्तेमाल संदिग्ध लेनदेन में किया जा रहा है।
पैसे का लालच देकर खुलवाए जा रहे खाते
सूत्रों के मुताबिक, कुछ लोग गरीब और बेरोजगार व्यक्तियों को पैसे का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवा रहे हैं। खाता खुलवाने के बदले उन्हें केवल 1000 से 2000 रुपये तक दिए जाते हैं! जबकि खाता और उससे जुड़ा एटीएम कार्ड, पासबुक और सिम कार्ड उन लोगों के पास ही रहता है!जो इस पूरे गिरोह का संचालन कर रहे हैं।
एक ही व्यक्ति के नाम पर खुल रहे पाँच से अधिक खाते
जांच में सामने आया है कि कुछ लोगों के नाम पर अलग-अलग बैंकों में पाँच से अधिक खाते खोले जा चुके हैं। ये खाते हवाला नेटवर्क के लिए मनी रूट” का काम कर रहे हैं!जिनके माध्यम से लाखों रुपये का लेनदेन कुछ ही दिनों में किया जा रहा है।
खाते सक्रिय होते ही शुरू हो जाता है हवाला ट्रांजेक्शन
खाता खुलने और एटीएम कार्ड मिलने के बाद ही हवाला का पैसा इन खातों में आना शुरू हो जाता है। रकम आते ही तुरंत दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी जाती है! ताकि उसका स्रोत और उपयोग दोनों छिपे रहें।
क्या किसी बड़े गिरोह की साजिश?
पुलिस और खुफिया एजेंसियों को शक है कि यह पूरा नेटवर्क किसी संगठित गिरोह द्वारा सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा है। गिरोह के सदस्य भोपाल, इंदौर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में सक्रिय बताए जा रहे हैं।
बैंक कर्मियों की मिलीभगत की भी आशंका
सूत्रों ने यह भी खुलासा किया है कि कुछ बैंक मैनेजर या कर्मचारी इस पूरे नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। खातों के त्वरित अनुमोदन और दस्तावेजों की जांच में लापरवाही से यह शक और गहरा गया है।
जांच एजेंसियों ने शुरू की पड़ताल
राजधानी भोपाल से जुड़े इन तारों की जांच अब आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और साइबर सेल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा!और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।