देवेन्द्र तिवारी सांची, रायसेन
राष्ट्रीय राजमार्ग सुरक्षित दिखाई नहीं देते जिससे आये दिन सडक दुर्घटना के मामले सामने आते रहते है ।
जानकारी के अनुसार इस स्थल को सुरक्षा की श्रेणी में तो रखा गया है तथा इस स्थल से जब से राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरा हैं तबसे हीछोटे बडे वाहनों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है इस मार्ग से कम एवं लंबी दूरी के वाहनों की तेज रफ्तार जारी रहती हैं इस मार्ग के निर्माण कर्ता राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कराकर पूरी तरह भूल चुका है इस मार्ग पर कहीं कोई सुरक्षा के उपाय नहीं जुटाये गए ।इस मार्ग से छोटे बडे वाहनों की भारी भरमार रहती हैं इसके निर्मित होने के बाद से ही सडक दुर्घटना में असंख्य लोग अपनी जान गंवा बैठे हैं तो असंख्य लोग अस्पतालों में अपने उपचार मे लुट चुके है इस मार्ग पर कहीं भी कोई न तो भीडभाड क्षेत्र में गतिअवरोधक ही निर्मित किये जा सके न ही इस मार्ग पर कहीं भी कोई सुरक्षा हेतु रेडियम जैसे चिन्ह ही अंकित किए गए इसके साथ ही इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर कहीँ कोई न ही सुरक्षात्मक संदेश वाहक बोर्ड ही लग सके इतना ही नहीं इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर कहीं कोई धीमी रफ्तार के संकेत वोर्ड ही लगाये जा सके जिससे वाहनों की गतिनियंत्रित रह सके तथा वाहनों की तेज रफ्तार पर नियंत्रण किया जा सके ।राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग पूरी तरह लापरवाह बन चुका है यही कारण रहता है जब तेज रफ्तार वाहन छोटे वाहनों को टक्कर मार अपनी तेज रफ्तार के चलते फरार हो जाते है तथा दुर्घटना ग्रस्त घायल व्यक्ति दुर्घटना स्थल पर तडपते रहते है अथवा जानकारी लगते ही सांची पुलिस घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने की जद्दोजहद करती हैं गंभीर घायल लोग तो पुलिस के पहुंचने के पहले ही दम तोड़ देते है ऐसे अनेक मामले सामने आने के बाद भी राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग सुरक्षा के उपाय जुटाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो चुका है ।परन्तु इस विश्व विख्यात स्थल से गुजरे राष्ट्रीय राजमार्ग से लोगों को सुरक्षित रखने न तो सरकारें ही कोई कदम उठा पा रही हैं न ही प्रशासन को ही इन घटनाओं से कोई सरोकार ही रहा है ।इस स्थल से गुजरा राष्ट्रीय राजमार्ग लोगों के लिए जानलेवा साबित हो चुका है । हालांकि जिला कलेक्टर द्वारा अनेक बार राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा की दृष्टि से सांकेतिक बोर्ड अथवा चिंह लगाने के निर्देश जारी किए जा चुके है परन्तु विभाग कलेक्टर के निर्देश को भी धता बताने मे पीछे नहीं रहा ।इतना ही नहीं मार्गों पर दौडने वाले वाहनों की पडताल का जिम्मा जिला परिवहन विभाग के ऊपर रहता है परन्तु जिला परिवहन विभाग भी चैन की नींद सो चुका है लोगों का कहना है कि परिवहन विभाग तो तब ही हरकत में आता है जब उसे अपनी जेबें भरनी होती हैं सडक दुर्घटना से इस विभाग को भी कोई सरोकार नहीं रहता है जिसका खामियाजा लोगों को अपनी जान गंवा कर भुगतना पडता है।
आज अज्ञात वाहन की टक्कर से दो गंभीर ।
ऐसा ही मामला आज राष्ट्रीय राजमार्ग पर सांची से दो किमी दूर स्थित विदिशा की ओर कमापार मंदिर के पास एक अज्ञात वाहन एक मोटरसाइकिल को जबरदस्त टक्कर मार दी जिससे मोटर साइकिल पर सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए ।सांची पुलिस को सूचना मिलते ही पुलिस ने 112 वाहन से विदिशा मेडिकल कालेज पहुंचाया ।पुलिस ने बताया कि गंभीर हालत में घायल लोग केवल इतना ही बता सके कि वह बासौदा के रहने वाले हैं गंम्भीर चोट लगने के कारण वह कुछ बता नहीं सके।पुलिस ने विवेचना शुरू कर अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है ।सक्रियता निभाने वाले पुलिस मे प्रधान आरक्षक सुनील लोधी आर,शैलेन्द्र सिंह वाहन पायलट नीलेश रजक शामिल थे।