सड़क निर्माण के दौरान गैरतगंज हुआ बदहाल, सड़कें बारिश में कीचड़ और दलदल में तब्दील, बीना नदी में भरा मलबा
– सड़क निर्माण के चलते वर्षाकाल में बदली नगर की तस्वीर
– ठेकेदार की मनमानी से नागरिक हो रहें परेशान
सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
ज़िले के गैरतगंज में सड़क निर्माण के दौरान नगर को बदहाल हालत मे कर रखा है। ग़ैरतगंज नगर में चल रहे सड़क और नाली निर्माण के दौरान बारिश के मौसम में भोपाल सागर मुख्य सड़क मार्ग व गली मोहल्लों की सड़कें कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गई हैं। यहां सड़क चौड़ीकरण के कार्य से जगह जगह हुई खुदाई और मिट्टी मुरम डाले जाने से कीचड़ और दलदल के हालात बने हैं। वहीं नगर की बीना नदी में भी पुल निर्माण और टोवाल कम सड़क निर्माण का मलबा भी बीना नदी में भर गया है ।जिससे नदी का भी पुराव हो गया है।इस स्थिति से नगरवासी वर्षाकाल में अत्यधिक परेशान हैं नदी का पुराव बढ़ रहा है।
गैरतगंज क्षेत्र भर में बीते दिनों से हो रही बारिश के कारण नगर की सड़कें गड्ढों, कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गईं ।और मार्ग व दुकानों के सामने व भीतर निकासी जाम की स्थिति बन गई है। वहीं सड़क के साथ बन रहे ब्रिज निर्माण एवं नदी के पास बन रहे सड़क कम टोवाल निर्माण का मलबा बीना नदी में भरा पड़ा हुआ है जिससे नदी का पुराव हो गया है । उसकी गहराई कम हो रही है। भोपाल सागर मुख्य राजमार्ग सड़क पर नगर की सीमा में हो रहे। सड़क चौड़ीकरण के कार्य से फैल रही मुरम मिट्टी की कीचड़ ने गंदगी का नजारा बना दिया है। ठेकेदार की लापरवाही का आलम यह है कि सड़कों पर पैदल चलना और वाहन चलाना परेशानी भरा साबित हो रहा है। कीचड़ और गंदगी से सड़कें सराबोर हो गई हैं। मुख्य सड़क पर बारिश के पानी की निकासी सड़क निर्माण के कारण बंद हो जाने से अत्यधिक परेशानी हो रही है। व्यवस्था ठीक करने के लिए न तो प्रशासन ने कोई ध्यान दिया है और न ही सड़क कंपनी ने। जिससे नागरिक बारिश के दौर में परेशान हैं। आलम यह है कि चारो तरफ सड़क पर कीचड़ और दलदल का साम्राज्य स्थापित है। वहीं इस कारण लोग आवाजाही में परेशान हैं।

उधर दूसरी तरफ सड़क निर्माण के तहत बीना नदी पर बनाए जा रहे ब्रिज एवं टोवाल व सड़क सौंदर्यीकरण के कार्य का मलबा अधिकांशतः बीना नदी में ही भरा पड़ा है। जबकि इसे बारिश के पूर्व निकाला जाना था। मलबे के कारण नदी में पुराव बढ़ गया है। नदी में मलबे के इस भराव से भी गंदगी पनपना तय है ।वहीं गहराई भी कम हो रही है। समय पूर्व मलबा न निकाले जाने से अब नदी में बरसात का पानी भर जाने से मलबा निकाला जाना कठिनाई भरा है। हालांकि बारिश आ जाने के बाद भी मलबा बाहर निकाले जाने पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पहले से ही नदी अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही थी उस पर मलबे के भराव ने उसे बदहाली में धकेल दिया है। आज की स्थिति में इसी कारण गैरतगंज नगर बदहाल दिखाई दे रहा है। प्रशासन ने बारिश के पहले इन बिंदुओं पर ध्यान नहीं दिया जो भविष्य में परेशानी का कारण बनेंगे।