तारकेश्वर शर्मा बम्होरी रायसेन
सिर्फ़ तीन महीने पहले बनी पुलिया… और अब हालत इतनी खराब कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है!बम्होरी से देवनगर को जोड़ने वाली जैतगढ़ के पास की ये पुलिया, यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। सवाल उठता है—क्या घटिया निर्माण की पोल खुल गई है?”
जैतगढ़ के पास… जहां मात्र तीन माह पहले बनी पुलिया आज पूरी तरह से दम तोड़ती नज़र आ रही है।
तस्वीर में साफ देखा जा सकता है—पुलिया की सतह टूट चुकी है, जगह-जगह दरारें पड़ चुकी हैं और किनारों का हिस्सा उखड़कर यात्रियों को ख़तरे में डाल रहा है।

ये वही पुलिया है जिस पर लाखों रुपए खर्च किए गए। लेकिन तीन महीने के अंदर ही इसकी हकीकत सबके सामने आ गई है।
लोग कह रहे हैं—ये पुलिया नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार का पुल है!
“अरे साहब! तीन महीना भी नहीं बीता… अब देख लो हालात! गाड़ी निकालो तो जान जोखिम में, पैदल चलो तो भी डर लगता है। ठेकेदार और अफसर दोनों की मिलीभगत नहीं होती, तो इतनी जल्दी पुलिया कैसे टूट जाती?”
सवाल उठता है…
क्या घटिया मटेरियल से बनाई गई ये पुलिया अब जानलेवा साबित होगी?
ये पुलिया कब धंस जाए—इसका कोई भरोसा नहीं।क्या किसी बड़े हादसे का इंतज़ार किया जा रहा है?जवाबदेही तय होगी या नहीं, यही सबसे बड़ा सवाल है।
इस मार्ग से रोज़ाना हज़ारों वाहन निकलते हैं।, एंबुलेंस और आम यात्री हर रोज़ इस पुलिया से गुजरते हैं।
अगर जल्द मरम्मत नहीं हुई तो हादसा कब हो जाए… कहना मुश्किल है।तीन महीने पहले बनी पुलिया की ये हालत सिर्फ़ सिस्टम की नाकामी नहीं, बल्कि खुलेआम भ्रष्टाचार की गवाही है।
अब देखना होगा—क्या प्रशासन समय रहते इस पुलिया को दुरुस्त करता है, या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही नींद खुलेगी?