सुरेंद्र जैन धरसीवां
बीते साल मनमाने ढंग से ग्राम पंचायत की मिलीभगत से हुई चारागाह जमीन की अदला बदली का मामला तूल पकड़ता जा रहा है आए दिन हो रही दुर्घटनाएं और ग्रामीणों के उपयोग के रास्तों पर उद्योगों के वाहनों का कब्जा होने से ग्रामीण अब उग्र आंदोलन की तैयारी कर रहे है।
सिलतरा के ग्रामीण दीपक वर्मा जो गांव की भुइयां बचाने पूर्व में कई बार आंदोलन कर चुके हैं धरना व भूख हड़ताल तक कर चुके।

उन्होंने ग्राम पंचायत से लेकर राजस्व विभाग में बैठे जिम्मेदार अधिकारियों पर उद्योगों से सांठगांठ का गंभीर आरोप लगाया है उनका कहना है कि पिछले साल ग्राम पंचायत सिलतरा के द्वारा गोदावरी पावर एंड इस्पात लिमिटेड कंपनी की जमीन के साथ ग्राम की चारागाह भूमि के विनिमय (अदला-बदली) का मामला अपने-आप मे अनूठा और घोर लापरवाही वाला है और ऐसा दूसरा मामला शायद ही कहीं और देखने को मिलेगा गांव की चारागाह की इस बेशकीमती जमीन का बिना कंपनी की विधिवत मांग के पंचायत के द्वारा ही अपनी ओर से आवेदन देकर अदला-बदली कर दिया गया ताकि कंपनी यहां पर सर्विस रोड मे अपना रास्ता खोल सके यह जमीन रायपुर-बिलासपुर हाई-वे पर ग्राम सिलतरा के बस स्टैंड के ठीक बगल मे स्थित है और ये जगह NHAI के डेंजरस पाइंट वाली जगह है,यहां पर लगातार भीषण दुर्घटनाएं होती रहती है और इंसानों और मवेशियो की जानें जा रही है और ये सब जानते हुए भी जमीन की अदला-बदली उधोग को लाभ पहुंचाने कर दी गई
दीपक वर्मा का कहना है कि सिलतरा चारो ओर से उद्योगों से घिरा है और यहाँ से दूसरे क्षेत्रों की ओर जाने वाली तमाम सड़कें पहले ही अतिक्रमण का शिकार हो चुकी थी।

मांढर जाने वाली सर्विस रोड पर शारडा एनर्जी कंपनी के वाहनों का कब्जा बना रहता है टांड़ा जाने वाली सड़क पर गोदावरी कंपनी के वाहनों का कब्जा रहता है,रायपुर जाने वाली सर्विस रोड पर जायसवाल निको स्टील प्लांट के वाहनों का कब्जा रहता है और मुरेठी जाने वाली सड़क NHAI के द्वारा बंद वहीं चरौदा की ओर जाने वाले सर्विस रोड पर गोदावरी कंपनी का कब्जा है आखिर ग्रामीण जाएं तो कहां से जाएं आने जाने में ग्रामीणों को ग्रामीणों के लिए बनाई गई सड़क तक खाली नहीं मिलती।
घानी कस बईला फंदा गेंव विधाता…
चारो मुड़ा ले धंधा गेंव…