मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
शिवालयों में जलाभिषेक करने को कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मंदिरों में कांवड़ियों ने तड़के चार बजे से ही जलाभिषेक करना शुरु कर दिया। सुबह के समय मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ काफी बढ़ गई। मंदिरों के बाहर तक लम्बी-लम्बी लाइनें लग गईं। लाइनों में लगकर श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से शिवलिग पर जलाभिषेक किया। शिव भक्तों ने भोले के जमकर जयकारे लगाए। घंटों की ध्वनि और भोले के जयकारों से मंदिर परिसर पूरे दिन गूंजते रहे।
शाम के समय प्रसिद्ध गीदगढ़ गुफा के कुंड से अपने कावड़ में जल लेकर 200 श्रद्धालु जिनमें छोटी-छोटी कन्याएं, महिलाएं, बच्चे, युवा ढोल नगाड़े , डीजे के साथ नाचते, गाते,बम बम भोले, ओम नमः शिवाय, हर हर महादेव के के कार्य लगाते हुए पैदल चलते हुए अपने गांव अंबाडी पहुंचे। जहां पर मंदिरों में स्थित शिवालय का जल अभिषेक किया।

जिसमें काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। दीवानगंज के गुफा मंदिर, खेड़ापति माता हनुमान मंदिर, इच्छापूर्ति हनुमान मंदिर, पुराने गुरुद्वारा मंदिर , माता जानकी मंदिर, अंबाडी के गणेश मंदिर, माता मंदिर, शिव मंदिर, अयोध्या धाम मंदिर, सेमरा के गायत्री मंदिर, खेड़ापति हनुमान मंदिर सहित ग्रामीण इलाकों के मंदिरों में सुबह से लेकर दोपहर तक भक्तों की भोलेनाथ बाबा पर जल अभिषेक करने की भीड़ नजर आती रही। क्षेत्र के मंदिरों में आधी रात से ही कांवड़ियों के जत्थे मंदिर पहुंचना शुरू हो गए। मंदिर के बाहर तक श्रद्धालुओं की लाइनें लग गईं। मंदिरों में लाइन में लगकर बारी-बारी से शिवलिग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र, मेवा, फल, मिष्ठान आदि चढ़ाकर सुख शांति की कामना की।जिससे आसपास का वातावरण शिवमय हो गया। सुबह से रात तक घंटों की ध्वनि और भोले के जयकारों मंदिर गूंजते रहे।