सुरेंद्र जैन धरसीवां
धरसीवा के सांकरा में अटल चौक की दुर्दशा देखकर यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या जन जन के मन में अमर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का यही स्वप्न था यदि नहीं था तो उनके नाम पर जिस चौक का नाम है उसकी इतनी दुर्दशा क्यों
सांकरा पठारीडीह मार्ग पर सांकरा में स्थित अटल चौक के आसपास रहवासी बस्ती भी है ग्रामीणों का आवागमन बच्चों का खेलना मोहल्लेवासियों का उठना बैठना सांस्कृतिक आयोजन आदि इसी चौक में होते हैं बाबजूद इसके अटल स्तंभ के सामने पूरे अटल चौक की दुर्दशा कीचड़ देखकर ऐसा लगता है जैसे जिम्मेदारों को अटल जी के नाम से प्रसिद्ध अटल चौक की ओर अटल जी के स्वप्न की कोई परवाह ही नहीं
*मुख्य मार्ग किनारे की नालियों कभी नहीं हुई साफ*
पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल के कार्यकाल में उनके ओर तत्कालीन जनपद सीईओ अशोक चतुर्वेदी के प्रयासों से सांकरा पठारीडीह पीएम सड़क का उन्नयन हुआ तब ग्रामीणों की मांग पर पीएम सड़क के दाएं बाएं गांव की सीमा में निकास नालियों का निर्माण हुआ लेकिन निर्माण के बाद से कभी भी उन नालियों की सफाई नहीं हुईं चौक से लेकर ग्राम पंचायत तक पीएम सड़क किनारे की नाली मिट्टी से पट चुकी है इस दौरान सरपंच तो बदले लेकिन उनका यह तर्क नहीं बदला कि इन नालियों की सफाई ग्राम पंचायत नहीं कराएगी पीएम सड़क विभाग कराए हालांकि पीएम सड़क किनारे की नालियों की सफाई को लेकर पूर्व में कई बार तत्कालीन विधायक जनपद सीईओ ने भी पंचायत को उक्त नालियों की सफाई करने बोला लेकिन पंचायत ने आज तक उन नालियों की सफाई नहीं कराई जिससे घण्टेभर की तेज बारिश में ही नालियों में जमा गंदगी कुछ स्थानीय रहवासियों के मकानों के अंदर किचन तक पहुंच जाती है
अटल चौक के समीप के रहवासी स्वयं के खर्च से नाली साफ करा रहे लेकिन आगे नाली चौक होने से पानी अटल चौक में भरता है जो परेशानी का कारण बनता है।
*तालाब की मुरूम की गई थी डंप*
सांकरा के मांगी तालाब से निकाली गई मुरूम में से कुछ हाइवा मुरूम विगत दिनों अटल चौक में डंप की गई थी उसके बाद मुरूम उठा ली गई लेकिन सतह में कुछ मुरूम शेष रह गई थी जिसे न तो अच्छे से फैलाया न उठाया वही मुरूम बारिश में अटल चौक की दुर्दशा का कारण बन गई।