स्थानीय जनों में आक्रोश, प्रशासन से की यातायात पुलिस की पुनः तैनाती की मांग
देवेन्द्र तिवारी सांची,रायसेन
विश्वविख्यात बौद्ध स्थली सांची जहां प्रतिदिन देश-विदेश से हजारों पर्यटक आते हैं, वहीं यहां के स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को अपने ही नगर में सुरक्षित आवागमन के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। नगर के तीन अत्यंत व्यस्त चौराहे—हेडगेवार कॉलोनी चौराहा, मुख्य स्तूप चौराहा और गुलगांव चौराहा—आजकल यातायात पुलिस विहीन होकर दुर्घटनाओं के केन्द्र बनते जा रहे हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग से होकर गुजरते भारी व हल्के वाहनों की रफ्तार अक्सर बेलगाम होती है। हेडगेवार कॉलोनी के नागरिक जहां विदिशा–भोपाल आने–जाने के लिए इसी मार्ग से यात्रा करते हैं, वहीं स्तूप चौराहा पर्यटकों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अस्पताल जाने वालों के लिए मुख्य प्रवेशद्वार है। रामलीला मार्ग व सीएमराइज स्कूल के छात्र, राहगीर और नगरवासी भी इन्हीं मार्गों से होकर रोजाना बड़ी संख्या में गुजरते हैं।
गुलगांव चौराहा, जो नगर के लगभग 25 ग्रामों और आधे से अधिक वार्डों को जोड़ता है, यहां यातायात का दबाव अत्यधिक है। पूर्व में यहां यातायात पुलिस की व्यवस्था हुआ करती थी, जिससे गति नियंत्रण में रहती थी। परंतु विगत कुछ वर्षों से यह सुविधा पूरी तरह समाप्त हो गई है। परिणामस्वरूप इन चौराहों पर न तो वाहन नियंत्रित रहते हैं और न ही पैदल चलने वालों की कोई सुरक्षा।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क पार करने में जान हथेली पर रखनी पड़ती है, लोग हाथ से इशारा कर खुद को बचाने की कोशिश करते हैं। कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें घायल भी हुए हैं, परंतु प्रशासन अब तक मौन है।
गौर करने योग्य बात यह है कि जब भी कोई अतिविशिष्ट व्यक्ति या विदेशी पर्यटक यहां आता है, तब यातायात व्यवस्था अस्थायी रूप से तैनात कर दी जाती है। इससे यह स्पष्ट है कि व्यवस्था की क्षमता है, पर आमजन की सुरक्षा के लिए इसे लागू नहीं किया गया।
नगरवासियों की मांग है कि इन व्यस्त चौराहों पर स्थायी यातायात पुलिस की व्यवस्था की जाए, जिससे न केवल दुर्घटनाओं पर अंकुश लगे, बल्कि नगर में सुव्यवस्थित यातायात प्रणाली का विकास हो।
प्रशासन से अनुरोध है कि वह सांची जैसे विश्व धरोहर स्थल की गरिमा बनाए रखते हुए नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे और तत्काल यातायात पुलिस की तैनाती सुनिश्चित करे।इनका इनका कहना है-
यह नगर की प्रसिद्धि को एवं वाहनों की संख्या को देखते हुए यातायात पुलिस की व्यवस्था होनी चाहिये ।हम भी हमारे स्तर से व्यसतम क्षेत्रों में यातायात पुलिस की पदस्थापना को लेकर प्रयास करेंगे।पप्पू रेवाराम अध्यक्ष नगर परिषद सांची ।
राष्ट्रीय राजमार्ग होने के कारण यहां वाहनों के भारी दबाव एवं तेज गति को देखते हुए प्रशासन को सुरक्षा की दृष्टि से यातायात पुलिस व्यवस्था की जानी चाहिए।
—कमलकिशोर पटेल समाज सेवी सांची
जबसे इस स्थल से राष्ट्रीय राजमार्ग किया गया है तबसे कम ज्यादा दूरी के छोटे बडे वाहनों की संख्या काफी बढ गई हैं नगर वासियों एवं पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए यातायात पुलिस की पदस्थापना आवश्यक हो गई है ।
– विवेक तिवारी पार्षद नप सांची