– महासंघ ने कहा,अब स्थाई नीति बनाकर भविष्य सुरक्षित करे सरकार तब बात बने
भोपाल।प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में रिक्त पदों क़े विरुद्ध सेवा करने वाले अतिथि विद्वानों क़े ऊपर बीच बीच में मुसीबत का पहाड़ टूटता रहता है। अभी हाल ही में लगभग 700 प्राध्यापकों क़े ट्रांसफर से लगभग इतने ही अतिथि विद्वान फालेन आउट होकर बाहर हो गए थे जिसको लेकर अतिथि विद्वान महासंघ ने पुरजोर इसका विरोध किया था साथ ही मुख्यमंत्री,उच्च शिक्षा मंत्री एवं शीर्ष अधिकारीयों कों इससे अवगत करवाया था की अतिथि विद्वानों क़े भरोसे ही कॉलेजों का पाठन पाठन क़े साथ ही प्रशाशनिक गतिविधियों का संचालन होता है अगर विद्वान ही नहीं रहेंगे तो युवाओं समाज दिशाहीन हो जाएगा।इसको लेकर लगभग महीने भर बाद अतिथि विद्वानों की वापसी हुई है,अतिथि विद्वानों क़े मेल एवं आईडी में ही सम्पूर्ण जानकारी विभाग ने प्रेषित किया है।महासंघ क़े प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ अविनाश मिश्रा ने बताया की अभी कई विद्वान बाहर है उम्मीद है की अगले चरण में उनकी भी वापसी जल्द होगी।डॉ मिश्रा ने स्थाई नीति कैडर बनाने का आग्रह सरकार से किया है।
इनका कहना हे –
माननीय मुख्यमंत्री ,उच्च शिक्षा मंत्री एवं शीर्ष अधिकारीयों कों अतिथि विद्वान महासंघ की तरफ़ से सादर आभार।साथ ही भावुक एवं पवित्र हृदय से निवेदन है की शासन प्रशासन विद्वानों क़े हित में एक बेहतरीन पॉलिसी लाए और भविष्य सुरक्षित कर अपना आशीर्वाद दें।योग्य अनुभवी विद्वानों का कल्याण करना सबसे बड़ा पुण्य कार्य होगा।
– डॉ आशीष पाण्डेय,प्रदेश मीडिया प्रभारी महासंघ