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तेंदुआ ने फिर एक बार नरखेड़ा गांव में गाय के बछड़े पर किया हमला

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  -घरवाले जाग जाने के कारण तेंदुआ शिकार नहीं कर सका

मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन

सांची विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम नरखेड़ा के पहाड़ पर लगातार तेंदुआ दिखने से गांव के लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। नरखेडा ,कुलहड़िया , मुस्काबाद, अंबाडी आदि गांव के लोग दहशत में जी रहे हैं।
शनिवार रविवार देर रात्रि को तेंदुआ ने फिर नरखेड़ा गांव के चौकीदार चिरौंजी लाल के घर पर बंदे एक छोटे गाय के बछड़े को अपना शिकार बनाने की कोशिश की, लेकिन तेंदुआ कामयाब नहीं हो सका।
नरखेड़ा चौकीदार चिरौंजी लाल ने बताया कि रात 2 बजे के लगभग बछड़े के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी तो मैं जाग गया तो देखा कि सार मे बंधे गाय के बछड़े को तेंदुआ खींचने की कोशिश कर रहा है। मगर बछड़ा रस्सी से बंधा हुआ था इसलिए तेंदुआ उसको खींच नहीं पाया। जबकि मैने सार के चारों तरफ तेंदुए केडर से लोहे की जाली लगा रखी। इसके बावजूद भी तेंदुआ मैं फिर से मेरे बछड़े का शिकार करने की कोशिश की है। इससे पहले भी दो बार तेंदुआ मेरे गाय के बछड़े का शिकार कर चुका है। जिससे मुझे हर साल काफी हानि हो रही है। तेंदुआ को भगाने के लिए मैं और मेरा भाई मोहनलाल ने थाली और पीपा बजाना चालू कर दिया जिससे तेंदुआ बछड़े को छोड़कर जंगल में भाग गया। तेंदुआ बछड़े के गर्दन, और पीठ पर पर तेंदुआ ने गहरे घाव बना दिए हैं। 1 साल में ही मेरे दो बछड़े को तेंदुआ अपना शिकार बन चुका है। बछड़े के मर जाने के कारण गाय भी दूध नहीं देती है चिरौंजी लाल ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि मुझे जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई की जाए।
बात दे कि दो साल से तेंदुआ लगातार दीवानगंज, कयामपुर, अंबाडी नरखेडा कुल्हाड़िया कयामपुर में कई लोगों के पशुओं का शिकार कर चुका है कुछ दिनों से अंबाडी और दीवानगंज कयामपुर में तेंदुआ दिखाई नहीं दे रहा है। नरखेड़ा, कुल्हाड़िया, कयामपुर ,अंबाडी, दीवानगंज आदि गांव पहाड़ से लगकर बसे हुए है इन्हीं पहाड़ पर लगातार तेंदुआ दिखाई दे रहा है। धनीराम लोधी , कमल सिंह, बृजमोहन ,ओम प्रकाश लोधी ,भारत सिंह , आदि ग्रामीणों का कहना है कि 1 साल से लगातार तेंदुआ हमारे जानवरों का शिकार कर रहा है। वन विभाग के कर्मचारी तेंदुए का रेस्क्यू नहीं कर रहे हैं। हम लोग हमेशा दहशत में रहते हैं। हमें हमेशा डर बना रहता है कि कई तेंदुआ किसी दिन हमारे बच्चे को शिकार ना बना दे। हमारे बच्चे सुबह-शाम पहाड़ से लगकर खेलते रहते हैं। हमारी जमीन भी पहाड़ से लगकर ही है। हम अपने जानवरों को चरने के लिए पहाड़ पर नहीं भेज पा रहे हैं। हमे हमेशा भय बना रहता है कि कहीं तेंदुआ हमारे जानवरों पर हमला न कर दे। कुछ दिन पहले भी दो सावक और तेंदुआ गांव वालों को पहाड़ पर दिखाई दिया था। कुछ दिनों से लगातार तेंदुआ नर खेड़ा और कुल्हाड़िया गांव के आसपास दिख रहा है जो बेजुबान जानवरों को अपना शिकार बना रहा है।

इनका कहना हे –
हमने कई बार वन विभाग के कर्मचारियों से तेंदुए के विषय में शिकायत कि मगर वन कर्मचारी हमारी शिकायत कि तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। नरखेडा गांव में तेंदुआ ने अभी तक 20 बेजुबान जानवरों अपना शिकार बन चुका है। जबकि मुआवजा अभी तक किसी को नहीं मिला। किसी दिन तेंदुआ ग्रामीणों के ऊपर हमला कर देगा। क्या तब वन कर्मचारी तेंदुआ का रेस्क्यू करेंगे।
रामदयाल लोधी सरपंच नरखेड़ा

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