भोपाल। गांधी मेडिकल कालेज के ऐनाटामी विभाग में अधिष्ठाता डा. कविता एन सिंह की उपस्थिती में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र छात्राओं को कैडेवेरिक शपथ दिलाई गई।
अधिष्ठाता डॉ. कविता एन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि देहदान करने वालों का चिकित्सा शिक्षा व शोध में बहुत बड़ा योगदान रहता है। उन्होनें भावी चिकित्सकों को देहदान के लिये जन जन को जागरूक करने का संदेश भी दिया । उनके द्वारा देहदान की प्रक्रिया सरलीकरण हेतु भी आदेश निकाला गया ।
कैडेवेरिक शपथ मेडिकल छात्रों को यह सिखाती है कि दान किये गए शरीर के प्रति क्रतज्ञता और सम्मान रखना चाहिए। यह शपथ दाता और उनके परिवार के बलिदान को स्वीकार करने का एक तरीका है।
देहदान से मेडिकल छात्रों को शरीर रचना (ऐनाटामी) समझने और सर्जरी जैसे कौशल सीखने का अवसर मिलता है।वैज्ञानिक और डॉक्टर नई बीमारियों का इलाज खोजने और चिकित्सा तकनीकों को सुधारने के लिये शरीर पर शोध कर सकते हैं।देहदान व कैडेवेरिक शपथ छात्रों में मानवता, करुणा और नैतिकता को विकसित करती है, जिससे वे अपने पेशे में अधिक संवेदनशील और जिम्मेदार बनते हैं।दान किये गये शरीर, मेडिकल छात्रों के लिये सीखने का एक अमूल्य साधन है। और यह शपथ उन्हें इस ज्ञान का सम्मानपूर्वक उपयोग करने की प्रेरणां देता है।
कैडेवेरिक शपथ में विभागाध्यक्ष डॉ. वन्दना शर्मा एवं संकाय सदस्य डॉ. सोनिया बावेजा, डॉ.रितु बाला सोनी, डा. सन्दीप मार्सकोले, डा. दीपक शर्मा, डा. रन्जना अग्रवाल, डा. अश्विनी कुडोपा, डा. अजय शरवण, डा. मौनिका गुप्ता, डा. गौरव शर्मा, डा. नाज़िया कादिर, डा. जया देषमुख, डा. विरेंद्र धुर्वे, डा. मेघना शर्मा, डा. सिधार्थ कौषल उपस्थित थे।